नई माताओं में डिप्रेशन का पता लगाने के लिए AI का ट्रायल
नॉटिंघम के शोधकर्ता एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ऐप का परीक्षण कर रहे हैं, जिसे गर्भवती और नई माताओं में डिप्रेशन के लक्षणों को पहचानने के लिए तैयार किया गया है।
इस ऐप को ब्लूस्काई AI फर्म के साथ मिलकर विकसित किया गया है। यह ऐप यूजर्स के चेहरे के हाव-भाव, उनकी बातचीत और शरीर की कुछ हरकतों को जांचता है, जब वे लिखते हैं या कुछ पढ़ते हैं।
इसका मकसद मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी मुश्किलों को जल्द से जल्द पहचानना है।
अध्ययन में लगभग एक-तिहाई लोग चिह्नित
यह अध्ययन अक्टूबर तक चलेगा। यह उन यूजर्स को चिह्नित करता है जिनके डिप्रेशन स्कोर ज्यादा होते हैं, ताकि स्वास्थ्यकर्मी उनसे संपर्क कर सकें।
शुरुआती नतीजों से पता चला है कि करीब एक-तिहाई प्रतिभागी किसी न किसी परेशानी से जूझ रहे हो सकते हैं। डॉ. नील निक्सन का कहना है कि शुरुआत में ही समस्या को पहचानना बहुत जरूरी है। उनका कहना है कि यूनाइटेड किंगडम (UK) में गर्भावस्था के 6 सप्ताह से लेकर एक साल के भीतर होने वाली मातृ मृत्यु में से 39 फीसदी मौतें आत्महत्या के कारण होती हैं।
ऐप चिकित्सकों के लिए सहयोगी
ट्रायल में हिस्सा लेने वाली लॉन्ग ईटन की लिजी ने बताया, "अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद का समय थोड़ा मुश्किल हो जाता है और मानसिक रूप से भी काफी चुनौतीपूर्ण होता है।"
पांडस से सैली बंकमैन ने इस ऐप की तारीफ करते हुए कहा कि यह महिलाओं को अपनी बात कहने के लिए प्रेरित करता है, लेकिन उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इंसानी मदद अभी भी उतनी ही जरूरी है।
डॉ. निक्सन ने यह भी साफ किया कि यह ऐप स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सहयोगी तो है, लेकिन उनकी जगह नहीं ले सकता।