क्वालकॉम ने आर्म की रॉयल्टी रोकने के लिए किया मुकदमा, जानिए क्या है मामला
स्मार्टफोन चिप बनाने वाली प्रमुख कंपनी क्वालकॉम 2021 में नुविया को खरीदने के बाद से आर्म के साथ कानूनी विवाद में उलझ गई है।
उसका आरोप है कि आर्म ने वादे के अनुसार चिप की जांच के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं कराए। इसी वजह से वह अगले 5 साल तक रॉयल्टी का भुगतान रोकना चाहती है।
इस कदम से स्मार्टफोन चिप्स का लाइसेंस देने का तरीका और भविष्य की CPU तकनीक की कीमत के साथ-साथ उस पर नियंत्रण को लेकर आर्म और बड़ी चिप निर्माता कंपनियों की बातचीत का रुख बदल सकता है।
आर्म की आय में 9 फीसदी की गिरावट
इंटेलीजेंसिया के अनुमान के मुताबिक, अगर, क्वालकॉम अपने मकसद में कामयाब होती है तो आर्म को वित्तीय वर्ष 2026 में अपनी कुल आय का लगभग 9 फीसदी गंवाना पड़ सकता है।
एक और अदालती मामला भी विचाराधीन है, जिसमें जांच की जा रही है कि आर्म ने नई चिप तकनीक को लेकर सही तरीके से बातचीत की थी या नहीं। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आर्म का यह समझौता 2033 तक लागू रहेगा।