फिजिक्सवाला रिकॉर्डेड क्लासेज की बजाय AI ट्यूटर्स पर लगा रही दांव
एडटेक कंपनी फिजिक्सवाला (PW) के सह संस्थापक प्रतीक माहेश्वरी का मानना है कि रिकॉर्डेड क्लासेज का दौर अब पुराना होता दिख रहा है।
कंपनी बातचीत करने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ट्यूटर्स पर एक बड़ा दांव लगा रही हैं, ताकि पढ़ाई ज्यादा पर्सनल और इंटरैक्टिव बन सके।
हाल ही में फिजिक्सवाला के वित्तीय नतीजे सामने आने के बाद उन्होंने बताया कि आज के विद्यार्थियों के लिए AI को लाइव और व्यवस्थित क्लासेज के साथ जोड़ना बहुत अहम है।
ऐप हर दिन 35 लाख छात्र कर रहे पढ़ाई
फिजिक्सवाला के ऐप से हर दिन 35 लाख छात्र पढ़ाई करते हैं। इससे हर साल अरबों डाटा पॉइंट्स बनते हैं। उनका AI छात्रों के 90 फीसदी से ज्यादा सवालों के जवाब देता है और 2 अरब से ज्यादा आंसर शीट्स भी जांचता है।
AI गुरु और आस्क AI जैसे टूल भारतीय छात्रों की सीखने की आदतों, परीक्षा की तैयारी के तरीकों और क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ाई की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए हैं।
फिजिक्सवाला ने राज्य बोर्ड की श्रेणियों में भी अपना विस्तार किया है। दक्षिण भारत में कंपनी ने अपना कामकाज लगभग दोगुना कर लिया है और अभी यह 353 ऑफलाइन सेंटर चला रही है। इनमें से 60 फीसदी सेंटर मुनाफा कमा रहे हैं।
चौथी तिमाही में नुकसान 76 फीसदी किया कम
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में फिजिक्सवाला ने अपने कुल घाटे में 76 फीसदी की कमी दर्ज की। यह घटकर 69.1 करोड़ रुपये रह गया है।
यह दर्शाता है कि कंपनी अब टिकाऊ विकास पर जोर दे रही है। ऐसा तब हो रहा है, जब शिक्षा का क्षेत्र स्मार्ट तकनीकी समाधानों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।