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संसदीय समिति ने की एक्स पर कम्युनिटी नोट्स बंद करने की वकालत, जानिए क्या है मामला
एक्स पर कम्युनिटी नोट्स सुविधा को बंद करने की मांग उठाई गई है

संसदीय समिति ने की एक्स पर कम्युनिटी नोट्स बंद करने की वकालत, जानिए क्या है मामला

Apr 11, 2026
05:21 pm

क्या है खबर?

संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष और भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने एक्स पर प्रसारित होने वाले कम्युनिटी नोट्स को बंद करने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि समिति ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को इस संबंध में सर्वसम्मति से राय व्यक्त कर दी है। इसमें प्लेटफॉर्म को सामुदायिक नोट्स बंद करने का निर्देश देने या प्रकाशक टैक्स लगाने पर विचार करने की मांग की है।

मांग 

ऑस्ट्रेलिया जैसा कानून लगाने की मांग

अपने पोस्ट में दुबे ने सवाल उठाया कि कम्युनिटी नोट्स को लेकर इतना हंगामा क्यों हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक्स कॉर्प भारत सरकार को कोई टैक्स नहीं देती। ऑस्ट्रेलिया से तुलना करते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि ऑस्ट्रेलियाई कानून की तरह एक्स को भारत में भी पब्लिशर लाइसेंस लेना चाहिए और हर साल 25,000 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में देने चाहिए। अन्यथा, उन्होंने तर्क दिया कि कम्युनिटी नोट्स को बंद कर देना चाहिए।

ट्विटर पोस्ट

भाजपा नेता ने पोस्ट में यह लिखा 

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कारण 

इस कारण हो रहा विवाद 

कम्युनिटी नोट्स एक्स पर एक क्राउडसोर्स्ड फैक्ट-चेकिंग टूल है, जहां यूजर संभावित रूप से भ्रामक या गलत पोस्ट पर टिप्पणी जोड़ सकते हैं। अन्य यूजर्स द्वारा 'हेल्पफुल' रेटिंग दिए जाने पर टिप्पणी मूल पोस्ट के नीचे दिखाई देती है। यह सुविधा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा AI पार्क और डाटा सेंटर के लिए पुच AI के साथ 25,000 करोड़ रुपये का MoU करने के बाद विवादों में आ गई, क्योंकि कम्युनिटी नोट्स के कारण डील रद्द कर दी।

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