ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी दुर्लभ इतिहास को बना रही डिजिटल, OpenAI से मिलाया हाथ
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी अपने मशहूर बोडलियन लाइब्रेरी के दुर्लभ ऐतिहासिक टेक्स्ट को डिजिटल बनाने के लिए OpenAI के साथ काम कर रही है। इसका मकसद है इन अनमोल चीजों को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना।
साथ ही, इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को केवल इंटरनेट पर मिलने वाली आम जानकारी के बजाय, असली और अलग-अलग तरह की जानकारी पर ट्रेन करने में भी मदद मिलेगी।
अभी तक, ऐतिहासिक शोध निबंधों से स्कैन की गई करीब 1.25 लाख तस्वीरें साझा की गई हैं, लेकिन इसमें केवल वही सामग्री शामिल है, जिस पर अब कोई कॉपीराइट नहीं है।
नेक्स्टजेन AI प्रोजेक्ट पहला का हिस्सा
यह प्रोजेक्ट ऑक्सफोर्ड की 'नेक्स्टजेन AI' पहल का हिस्सा है। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी में ऑक्सफोर्ड अकेला ऐसा संस्थान है, जो इसमें शामिल है।
इतिहास को सहेजने और डिजिटल तौर पर उसे लोगों तक पहुंचाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है, बावजूद इसके कुछ कर्मचारियों को इसकी प्रतिष्ठा पर पड़ने वाले असर और इतने बड़े डाटा को प्रोसेस करने से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता है। इन चिंताओं के बीच ऑक्सफोर्ड का कहना है कि वह अपने संग्रहों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही, वह इन्हें नए-नए तरीकों से लोगों के लिए खोल भी रहा है।