ऑक्सफोर्ड-मॉडर्ना ने कैंसर रोकने के लिए mRNA वैक्सीन का शुरू किया ट्रायल
ऑक्सफोर्ड और मॉडर्ना ने मिलकर इंटरसेप्ट-लिंच नाम से एक नया ट्रायल शुरू किया है। इसमें देखा जाएगा कि क्या mRNA वैक्सीन उन लोगों में कैंसर होने से रोक सकती है, जिन्हें लिंच सिंड्रोम है।
लिंच सिंड्रोम एक आनुवंशिक समस्या है, जिसमें लोगों को आंत और अंडाशय जैसे कैंसर होने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
इस वैक्सीन का मकसद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को इस तरह तैयार करना है कि वह कैंसर से पहले वाली कोशिकाओं को पहचानकर उन्हें खत्म कर सके, इससे पहले कि वे खतरनाक बन जाएं।
1.75 लाख से ज्यादा लोग लिंच सिंड्रोम से ग्रसित
यूनाइटेड किंगडम (UK) में 1.75 लाख से ज्यादा लोग लिंच सिंड्रोम से जूझ रहे हैं। ऐसे लोगों को अपनी पूरी जिंदगी में कुछ खास तरह के कैंसर होने का 80 फीसदी तक जोखिम रहता है।
इस ट्रायल की पहली वॉलंटियर ऑक्सफोर्ड की सारा एवर्ट ने इस वैक्सीन की अहमियत बताई। उन्होंने कहा कि कैंसर के ज्यादा जोखिम वाले लोगों के लिए यह वैक्सीन एक बड़ी उम्मीद है।
उन्होंने बताया, "कैंसर के बढ़े हुए जोखिम के साथ जीने वाले लोगों के लिए एक ऐसी निवारक वैक्सीन है, जो शरीर को शुरुआती कैंसर को पहचानने और उन पर हमला करने के लिए प्रेरित करे, वह जिंदगी बदल देने वाली साबित होगी।"
अगर, ट्रायल के नतीजे अच्छे रहते हैं तो 2027 में UK की कई और जगहों पर इसका अगला चरण शुरू होगा। यह मॉडर्ना और ब्रिटिश सरकार के बीच 2022 में हुई 10 साल की एक रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा है। इसका मकसद ब्रिटेन की mRNA क्षमताओं को बढ़ाना और भविष्य में आने वाली महामारियों से निपटने के लिए देश को तैयार करना है।