Loading...
महाराष्ट्र में गैर-डेयरी पनीर पर एक साल के लिए प्रतिबंध, पकड़े जाने पर जुर्माना समेत जेल
महाराष्ट्र में गैर-डेयरी पनीर पर एक साल के लिए प्रतिबंध

महाराष्ट्र में गैर-डेयरी पनीर पर एक साल के लिए प्रतिबंध, पकड़े जाने पर जुर्माना समेत जेल

लेखन गजेंद्र
Aug 05, 2026
11:31 am

क्या है खबर?

महाराष्ट्र की सरकार ने स्वास्थ्य जोखिम का हवाला देते हुए एनालॉग यानी गैर-डेयरी पनीर के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंधे द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि अगर कोई एनालॉग पनीर बनाता या बेचता पकड़ा जाता है तो उसे 6 महीने की कैद या 1 लाख रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। नकली डेयरी उत्पाद पर प्रतिबंध लगाने से महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के बाद दूसरा राज्य बन गया है।

आदेश

एक साल के लिए लगा है प्रतिबंध

यह प्रतिबंध राज्य में एक साल की अवधि के लिए लगाया गया है। इसके बाद इसे बढ़ाया जा सकता है।

मुंधे ने आदेश में कहा, "पूरे महाराष्ट्र में एक वर्ष की अवधि के लिए एनालॉग या नॉन-डेयरी पनीर का निर्माण, प्रसंस्करण, तैयारी, पैकिंग, भंडारण, वितरण, थोक बिक्री, खुदरा बिक्री, पेशकश या बिक्री के लिए प्रदर्शित करना प्रतिबंधित है।"

विभाग ने चेतावनी दी कि नुकसान की गंभीरता के आधार पर आजीवन कारावास और 10 लाख रुपये का जुर्माने का प्रावधान है।

पनीर

क्या है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर एक गैर-डेयरी उत्पाद है, जो दूध से नहीं बल्कि वनस्पति तेलों, स्टार्च, इमल्सीफायर और योजक पदार्थों से बनता है।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के अनुसार, पनीर दूध से बना होना चाहिए जिसमें स्टार्च, गैर-डेयरी वसा या कृत्रिम तत्व न मिलाए गए हों।

FSSAI एनालॉग पनीर बिक्री की अनुमति देता है, लेकिन इसका लेबल पर स्पष्ट रूप से खुलासा हो। यह मुद्दा सबसे पहले महाराष्ट्र विधानसभा में उठा और प्रतिबंध की मांग की गई।

ADVERTISEMENT