अमेरिकी दबाव में ओरेकल ने टेनसेंट के साथ 7 अरब डॉलर की चिप डील की रद्द
क्या है खबर?
अमेरिका की कंपनी ओरेकल ने चीन की टेक कंपनी टेनसेंट के साथ 7 अरब डॉलर (लगभग 660 अरब रुपये) का चिप लीजिंग समझौता रद्द कर दिया है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला ट्रंप प्रशासन के दबाव के बाद लिया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने इस समझौते को लेकर ओरेकल के सामने अपनी चिंताएं रखी थीं। हालांकि, इस मामले पर अभी तक संबंधित कंपनियों या अमेरिकी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
चिप्स
टेनसेंट को मिलने थे 1 लाख AI चिप्स
फाइनेंशियल टाइम्स ने पिछले महीने बताया था कि टेनसेंट ने ओरेकल के साथ करीब 7 अरब डॉलर का समझौता किया था।
यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा विदेशी लीजिंग सौदा बताया गया था। इस समझौते के तहत टेनसेंट को करीब 1 लाख एडवांस AI चिप्स इस्तेमाल करने का मौका मिलता।
ये चिप्स ऐसे थे, जिन्हें अमेरिका और चीन के बीच लगी पाबंदियों के कारण चीन में उपलब्ध कराना मुश्किल था।
योजना
दक्षिण-पूर्व एशिया में डेटा सेंटर लेने की थी योजना
रिपोर्ट के मुताबिक, टेनसेंट ने दक्षिण-पूर्व एशिया में मौजूद ओरेकल के कई डाटा सेंटर 5 साल के लिए लीज पर लेने की सहमति दी थी।
इससे कंपनी को उन उन्नत चिप्स तक पहुंच मिलती, जिनका इस्तेमाल AI से जुड़े कामों में किया जाता है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों की आपत्ति के बाद यह समझौता आगे नहीं बढ़ सका।
ओरेकल, टेनसेंट और व्हाइट हाउस ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया है।