OpenAI का AI सिस्टम कर रहा 3.1 गुना इंसानी काम
अब OpenAI के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम एक मानवीय कार्यदिवस के मुकाबले 3.1 एजेंट-कार्यदिवस का काम निपटा रहे हैं।
ये AI सिस्टम रोजमर्रा के तकनीकी कामों को खुद ही संभाल लेते हैं। इसका फायदा यह होता है कि शोधकर्ता बड़े विचारों पर ध्यान दे पाते हैं और नई रिसर्च की दिशाएं तलाश सकते हैं।
GPT-6 एस्ट्रा मॉडल किया पेश
OpenAI का AI केवल काम ही नहीं कर रहा, बल्कि यह नेवियर-स्टोक्स मिलेनियम प्राइज प्रॉब्लम जैसी कई बड़ी समस्याओं को हल करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल हर सप्ताह एक अरब से ज्यादा लोग कर रहे हैं और 25 लाख बिजनेस भी इससे जुड़े हुए हैं। पिछले 6 महीनों में ही इसका इस्तेमाल 50 फीसदी तक बढ़ गया है।
इस बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने अपना पहला कस्टम सिलिकॉन एक्सीलरेटर जलापेनो तैयार किया है। इसे इस साल के आखिर तक इस्तेमाल में लाने की योजना है।
इसके अलावा, कंपनी ने GPT-6 एस्ट्रा नाम का एक और नया मॉडल भी पेश किया है। यह मॉडल कोडिंग और वैज्ञानिक विश्लेषण जैसे मुश्किल कामों के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है।