मोटापा दिमाग को भी पहुंचा रहा है नुकसान, विशेषज्ञों ने बताई वजह
मोटापा केवल मधुमेह या दिल की बीमारियों का ही कारण नहीं बनता, बल्कि यह आपके दिमाग पर भी असर डाल सकता है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि ज्यादा वजन होने से याददाश्त कमजोर हो सकती है, ध्यान लगाने में दिक्कत आ सकती है और दिमागी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
दिल्ली के CK बिड़ला अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन की निदेशक डॉ. मनीषा अरोड़ा का कहना है कि पेट की अंदरूनी चर्बी (विसेरल फैट) से कुछ ऐसे प्रोटीन निकलते हैं, जो शरीर में लगातार सूजन पैदा करते हैं। यही सूजन दिमाग के काम करने के तरीके को गड़बड़ कर देती है।
मोटापा बढ़ने की दर में हुआ इजाफा
भारत में मोटापे की दर तेजी से बढ़ रही है। महज कुछ ही सालों में यह 21 से बढ़कर 24 फीसदी हो गई है, जिससे सभी की सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
इसका असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं पड़ता, बल्कि इसकी वजह से इंसुलिन रेजिस्टेंस और स्लीप एप्निया जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं। ये दोनों ही याददाश्त और सजगता से जुड़ी समस्याओं का कारण बनती हैं।
इससे बचने के लिए जानकारों ने दिनचर्या में कुछ बदलावों का सुझाव दिया है, जिसमें संतुलित भोजन करना, शारीरिक कामकाज करने और पूरी नींद लेना जैसे उपाय शामिल हैं। ये आदतें आपके दिमाग को तेज और स्वस्थ बनाए रखती हैं।