प्रोस्टेट कैंसर के लिए नोवार्टिस की प्रायोगिक दवा के प्रारंभिक अध्ययन में दिखे आशाजनक परिणाम
नोवार्टिस ने प्रोस्टेट कैंसर के लिए अपनी नई एक्टिनियम-आधारित प्रायोगिक दवा के परीक्षण से मिले आशाजनक परिणामों की जानकारी दी है।
हाल ही में 101 मरीजों पर हुए एक ट्रायल में, जिन लोगों ने पहले से ही नोवार्टिस की ही दूसरी दवा प्लुविक्तो का इस्तेमाल किया था, उन पर भी इस नई दवा का कैंसर पर असर देखने को मिला। इन नतीजों को शिकागो में हुई एक बड़ी कैंसर कॉन्फ्रेंस में बताया गया।
अलग-अलग समूहों में PSA स्तर का बेहतर प्रतिक्रिया
जो मरीज पहले प्लुविक्तो से इलाज करा चुके थे, उनमें से आधे से ज्यादा लोगों के प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन (PSA) स्तर में कम से कम 50 फीसदी की कमी आई। यह इस बात का एक मजबूत संकेत है कि यह दवा असरदार साबित हो रही है।
जिन मरीजों का पहली बार इलाज किया गया, उनके नतीजे और भी बेहतर रहे। 85 फीसदी से ज्यादा मरीजों के PSA स्तर में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कीमोथेरेपी ले चुके मरीजों में भी लगभग 59 फीसदी लोगों में इसी तरह के सकारात्मक परिणाम देखे गए।
प्रभाव जानने के लिए बड़े ट्रायल की जरूरत
नोवार्टिस का कहना है कि यह दवा कितनी सुरक्षित और प्रभावी है, इसे पूरी तरह समझने के लिए अभी और बड़े अध्ययनों की जरूरत है। खास तौर पर इसलिए भी, क्योंकि कुछ मरीजों को मुंह सूखने और एनीमिया जैसे दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ा है।
कंपनी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्रीराम आराध्ये ने बताया कि इन दुष्प्रभावों की गंभीरता और क्या वे पूरी तरह ठीक हो सकते हैं, यह जानने के लिए भी बड़े ट्रायल की जरूरत होगी।
इसके अलावा, कंपनी एक्टिनियम-225 की सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने पर भी काम कर रही है, जो इस दवा का मुख्य घटक है। नोवार्टिस रेडियोलिगैंड थेरेपी में भी बड़ा निवेश कर रहा है और अब उसके कैंसर शोध के प्रयासों का लगभग 40 फीसदी हिस्सा इन्हीं पर केंद्रित है।