नोबेल विजेता नाकामुरा न्यूक्लियर फ्यूजन से असीमित बिजली बनाने की कर रहे तैयारी
ब्लू LED का आविष्कार करने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता शुजी नाकामुरा अब न्यूक्लियर फ्यूजन को स्वच्छ ऊर्जा का एक वास्तविक स्रोत बनाने में जुटे हैं।
फ्यूजन ठीक वैसी ही प्रक्रिया है, जिससे सूरज को ऊर्जा मिलती है। यह हमें लगभग असीमित बिजली दे सकता है। इसमें यूरेनियम का इस्तेमाल नहीं होता और यह बहुत कम रेडियोधर्मी कचरा छोड़ता है। इस वजह से यह आज के न्यूक्लियर प्लांट के मुकाबले कहीं ज्यादा सुरक्षित है।
एक गीगावाट का पायलट प्लांट लगाने का लक्ष्य
नाकामुरा की नई कंपनी 'ब्लू लेजर फ्यूजन' लेजर तकनीक विकसित कर रही है। इसकी मदद से वे फ्यूजन को शुरू करना चाहते हैं। ज्यादातर दूसरी कंपनियां फ्यूजन के लिए मैग्नेट का इस्तेमाल करती हैं।
कंपनी का लक्ष्य है कि 2032 तक सांता बारबरा के पास एक एक गीगावाट का पायलट प्लांट लगाया जाए। यह प्लांट करीब 7.5 से 10 लाख घरों को बिजली देने के लिए पर्याप्त होगा।
युवा शोधकर्ताओं को नाकामुरा सलाह देते हैं कि असंभव लगने वाले विचारों का पीछा करना और बड़े जोखिम उठाना दुनिया बदल सकता है।