ISRO के मिशन विफल होने के पीछे तोड़-फोड़ की नहीं मिली जानकारी, सरकार ने क्या कहा?
क्या है खबर?
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) लगातार 2 असफल प्रयासों के बाद जून में अपने भरोसेमंद रॉकेट पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) का एक और प्रक्षेपण करने का प्रयास करेगा। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी देते हुए तोड़-फोड़ की आशंकाओं को खारिज कर दिया। उनकी यह टिप्पणी तब आई है, जब पिछले 12 महीनों में भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी को घरेलू धरती से किए गए 6 में से 3 मिशन में असफलता का सामना करना पड़ा है।
कारण
दोनों बार अलग-अलग रहे हैं कारण
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार, पिछले साल मई में PSLV C61 और इस साल जनवरी में PSLV-C62 मिशनों की विफलता के कारण एक जैसे नहीं थे। उन्होंने कहा, "एक आम धारणा यह है कि पिछली बार जो गलती हुई थी, वही दूसरी बार हो रही है और आप उसे ठीक नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन सच यह है कि पिछली बार जो हुआ था, वह इस बार नहीं हुआ है।"
तोड़-फोड़
तोड़-फोड़ की आशंका से किया इनकार
रणनीतिक अभियानों में लगातार हो रही विफलताओं के पीछे तोड़-फोड़ की आशंका के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा, "अभी तक हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।" सरकार ने प्रत्येक मिशन में हुई गलतियों का विश्लेषण करने के लिए अलग-अलग आंतरिक और बाहरी विफलता मूल्यांकन समितियां गठित किया है। मंत्री ने कहा है कि लगातार हुई इन सभी विफलताओं से ISRO और उसके प्रक्षेपण यानों पर लोगों का भरोसा कम नहीं हुआ है।