पानी में घुलते माइक्रोप्लास्टिक्स के कण पैदा कर रहे दिल-दिमाग की बीमारी- अध्ययन
टेक्नोलॉजी
एक नए अध्ययन में पता चला है कि कॉस्मेटिक्स जैसी चीजों से निकलने वाले प्लास्टिक के छोटे-छोटे टुकड़े माइक्रोप्लास्टिक्स पानी से मिलकर ऐसे कण बना सकते हैं, जो दिल की बीमारी, डिमेंशिया और प्रजनन संबंधी समस्याओं से जुड़े हैं।
कोलंबिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बताया कि 2025 के प्रकृति अध्ययन में मृत शरीरों के दिमाग में माइक्रोप्लास्टिक्स की मात्रा ज्यादा मिली।
शरीर पर क्या पड़ता है असर?
कोलंबिया विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान के प्रोफेसर वेई मिन बताते हैं कि जैसे-जैसे माइक्रोप्लास्टिक्स छोटे टुकड़ों में टूटते जाते हैं, वे और ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं।
जब ये हमारे शरीर में चले जाते हैं तो ये लंबे समय तक सूजन पैदा कर सकते हैं। माइक्रोप्लास्टिक्स केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि हमारी सेहत के लिए भी एक बड़ा खतरा हैं। इसलिए इस पर आगे और शोध करना बेहद जरूरी हो जाता है।