पुराने लॉन्च पैड ने बढ़ाई नासा के चंद्र मिशन की मुश्किलें, अपग्रेड की आवश्यकता
चांद पर अंतरिक्ष यात्रियों को दोबारा भेजने की नासा की योजना एक बड़ी चुनौती का सामना कर रही है। दरअसल, उसके मुख्य लॉन्च केंद्र केनेडी स्पेस सेंटर और वॉलॉप्स फ्लाइट फैसिलिटी अब पुराने हो चले हैं।
ये केंद्र अपोलो युग में बनाए गए थे और अब इन्हें आज के व्यस्त शेड्यूल के साथ तालमेल बिठाने में परेशानी आ रही है।
इंस्पेक्टर जनरल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के साथ-साथ स्पेस-X और ब्लू ओरिजिन जैसी निजी कंपनियों के बढ़ते काम को संभालने के लिए इन केंद्रों को लगभग एक अरब डॉलर (करीब 90 अरब रुपये) के अपग्रेड की जरूरत होगी।
कई गुना बढ़ी लॉन्च की संख्या
फ्लोरिडा के स्पेस कोस्ट पर लॉन्च की संख्या 2020 में 31 थी, जो 2025 तक बढ़कर 109 हो गई है, वहीं वॉलॉप्स में भी लॉन्च की संख्या काफी बढ़ी है।
आर्टेमिस मिशनों के बढ़ने के साथ ही हालात और भी ज्यादा व्यस्त होने वाले हैं। नाइट्रोजन पाइपलाइन और भारी-भरकम सड़कें जैसे अहम सिस्टम पर बहुत दबाव पड़ रहा है।
यही वजह है कि नासा की निगरानी संस्था अपग्रेड और निजी साझेदारों के साथ काम करने के नए तरीकों पर जोर दे रही है, ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो जाए।