नासा के जूनो ने चंद्रमा आयो के अंदर की गर्मी का लगाया पता
नासा के जूनो प्रोब ने बृहस्पति के प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा आयो पर एक अहम खोज की है। हमारे सौर मंडल का सबसे ज्यादा ज्वालामुखी वाला इलाका माने जाने वाले इस चंद्रमा पर वैज्ञानिकों ने सतह के ठीक नीचे का तापमान मापा है।
उन्हें पता चला कि यहां उम्मीद से कहीं ज्यादा गर्मी है। सतह से बस कुछ ही फीट नीचे जाने पर तापमान में 40 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ज्वालामुखी की गर्मी के काम करने का चलेगा पता
2023 के आखिर और 2024 की शुरुआत में जूनो ने आयो के 2 फ्लाईबाई (पास से गुजरना) किए। इन फ्लाईबाई के दौरान जूनो आयो के बहुत करीब पहुंच गया था, सतह से करीब 1,497 किलोमीटर दूर।
इसके माइक्रोवेव रेडियोमीटर ने उस गर्मी को पहचाना, जो शायद ठंडी हो रही लावा से या आयो की क्रस्ट के अंदर से गुजर रही गर्मी का नतीजा है।
वैज्ञानिक स्कॉट बोल्टन के मुताबिक, इन नतीजों से हमें यह जानने में आसानी होगी कि ज्वालामुखी की गर्मी कैसे काम करती है। यह बात सिर्फ दूर के चंद्रमाओं पर ही नहीं, बल्कि हमारी धरती पर भी लागू होती है।