नासा के हबल से आकाशगंगा से बाहर पहली बार दिखी तारों की धारा
नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने हाल ही में एक शानदार खोज की है, जहां उसने हमारी आकाशगंगा (मिल्की वे गैलेक्सी) के बाहर पहली बार तारों की एक लंबी धारा देखी है।
तारों की ये धुंधली सी लकीर हबल के पहले से मौजूद डाटा को खंगालने पर सामने आई है। यह धारा गैलेक्सी UGC 9050-DW1 में है, जो हमारी धरती से करीब 11.50 करोड़ प्रकाश-वर्ष दूर है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह किसी स्टार क्लस्टर का बचा-खुचा हिस्सा है, जिसे उसकी अपनी आकाशगंगा खींचकर अलग कर रही है।
खोज से पता चलेगा कैसे बनती है आकाशगंगा?
इस खोज से अब वैज्ञानिक उस आकाशगंगा के कुल वजन का पता लगा पाएंगे। इस वजन में सिर्फ तारे ही नहीं, बल्कि अदृश्य डार्क मैटर भी शामिल है, जो पूरे ब्रह्मांड का लगभग 80 से 85 प्रतिशत हिस्सा है।
इस रिसर्च टीम का कहना है कि इतनी धुंधली और फैली हुई आकाशगंगा में तारों की ऐसी धारा खोजना एक बड़ी उपलब्धि है।
यह खोज बताएगी कि आकाशगंगाएं कैसे बनती हैं और ब्रह्मांड में डार्क मैटर कैसे फैला हुआ है। इससे इन रहस्यों को समझने में नई दिशा मिलेगी।