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प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से 'दिमागी नक्सल' कहकर साधा निशाना, कहा- इनको अलग-थलग करना होगा
प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से 'दिमागी नक्सल' कहकर निशाना साधा

प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से 'दिमागी नक्सल' कहकर साधा निशाना, कहा- इनको अलग-थलग करना होगा

लेखन गजेंद्र
Aug 15, 2026
10:50 am

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारतीय स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ पर दिल्ली के लाल किले से ऐतिहासिक भाषण में नक्सलवाद का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नक्सलवाद को जड़ से मिटाने का जो संकल्प लिया था, उसे पूरा किया है, लेकिन अब 'दिमागी नक्सल' अराजकता के लिए मौका तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज को गलत राह पर भटकाने का प्रयास कर रहे हैं, जिनको पहचानना होगा।

बयान

क्या बोले मोदी?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में दशकों पुरानी चुनौतियों को खत्म करना बहुत अनिवार्य है। नक्सलवाद माओवाद ने लाखों युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया।

उन्होंने कहा कि सामान्य नागरिकों की रक्षा में 3,500 से ज्यादा पुलिस जवान शहीद हो गए और इसलिए जब 2014 में सरकार बनी तो देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प लिया गया था।

उन्होंने कहा, "आज खुशी है कि नक्सली-माओवादी हिंसा, आखिरी सांस भी शायद रहने की ताकत नहीं रही।"

निशाना

दिमागी नक्सल पर क्या बोले मोदी?

मोदी ने कहा कि सालों से माओवादी सोच के लोगो ने सत्ता के गलियारों में जगह बनाकर सरकारी कमेटियों में सलाहकार के तौर पर नीति बनाने में असर डालते थे।

उन्होंने कहा, "हमने जंगलों से हथियारबंद नक्सलियों को खत्म कर दिया। हथियारबंद नक्सल चले गए, लेकिन ये 'दिमागी नक्सल' मौके की तलाश में हैं। वे हिंसा-अराजकता से समाज को गलत दिशा में ले जाने की कोशिशें कर रहे हैं। हमें इन विचारधारा वाले नक्सलियों की पहचानकर उन्हें अलग-थलग करना होगा।"

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ट्विटर पोस्ट

मोदी का भाषण

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विवाद

अर्बन नक्सल के बाद 'दिमागी नक्सल'

अर्बन नक्सल शब्द का उपयोग अब राजनीति में काफी आम हो गया। यह शब्द पहली बार 2017 में सामने आया था, लेकिन 2018 में भीमा कोरेगांव में हिंसा के बाद प्रचलन में आया।

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार नवंबर 2018 में छत्तीसगढ़ के बस्तर में जगदलपुर रैली में इस शब्द का उपयोग किया था।

उन्होंने कहा था कि अर्बन माओवादी शहरों में AC कमरों में बैठते हैं और रिमोट सिस्टम से आदिवासियों की जिंदगी तबाह कर रहे हैं।

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