नासा का नैंसी ग्रेस स्पेस टेलिस्कोप 30 अगस्त को होगा लॉन्च
नासा अपना नया नैंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलिस्कोप 30 अगस्त को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेस-X फाल्कन हेवी रॉकेट के जरिए लॉन्च कर रहा है।
रॉकेट के उड़ान भरने के बाद भारतीय समयानुसार शाम 5:50 बजे यह टेलिस्कोप अपने ऑब्जर्वेशन स्पॉट तक पहुंचने में लगभग एक महीने का सफर तय करेगा।
यह स्पॉट सूरज और धरती के बीच करीब 15 लाख किलोमीटर दूर 'सन-अर्थ L2 पॉइंट' पर मौजूद है। वहां पहुंचकर यह टेलिस्कोप सूरज का चक्कर लगाएगा और पृथ्वी के सापेक्ष अपनी सही स्थिति बनाए रखेगा।
अरबों आकाशगंगाओं का नक्शा बनाएगा
एक बार अपनी तय जगह पर पहुंचने के बाद रोमन टेलिस्कोप इन्फ्रारेड किरणों के जरिए पूरे ब्रह्मांड का स्कैन करेगा। इससे वैज्ञानिकों को डार्क एनर्जी, डार्क मैटर और दूर के एक्सोप्लैनेट्स जैसे कई रहस्यों को सुलझाने में काफी मदद मिलेगी।
इसका 'वाइड फील्ड इंस्ट्रूमेंट' हबल टेलिस्कोप की तुलना में कम से कम 100 गुना बड़ा दृश्य कैप्चर कर सकता है। इसकी मदद से यह टेलिस्कोप 5 सालों के भीतर अरबों आकाशगंगाओं का नक्शा बना पाएगा और नई दुनिया की खोज भी कर सकेगा।
खगोलशास्त्री पर रखा गया नाम
यह टेलिस्कोप नैंसी ग्रेस रोमन के नाम पर रखा गया है। वह नासा की पहली मुख्य खगोलशास्त्री थीं और इस एजेंसी में कार्यकारी पद संभालने वाली पहली महिला भी थीं।
हाल ही में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने इसे पूरी तरह तैयार किया है, जिसमें करीब 1,100 लीटर हाइड्रैजीन ईंधन भरा गया है। इससे साफ होता है कि नैंसी ग्रेस रोमन की विरासत आज भी सितारों तक पहुंच रही है।