नासा के नए सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम ने बिना GPS के अंतरिक्ष में ढूंढा रास्ता
नासा ने हाल ही में फाल्कन नामक एक सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम का परीक्षण किया है। यह सिस्टम बिना ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) के काम करता है।
इसके बजाय, यह कैमरों और अंतरिक्ष में मौजूद ज्ञात सैटेलाइट्स और अन्य चीजों की एक सूची का इस्तेमाल करके सैटेलाइट की सही जगह का पता लगाता है।
गहरे अंतरिक्ष के लिए यह तकनीक बेहद शानदार है, जहां GPS सिग्नल पहुंच नहीं पाते। यह परीक्षण स्टारलिंग मिशन का हिस्सा था और यह 3 दिनों तक चला।
अंतरिक्ष में रुकेंगी टक्कर
अपने परीक्षण के दौरान फाल्कन ने अपनी कक्षा (ऑर्बिट) को पक्का किया और 200 से ज्यादा आस-पास की वस्तुओं की स्थिति को अपडेट किया।
इसे स्टैनफोर्ड के स्टार्टअप एराड्राइव की मदद से तैयार किया गया है। इसका मकसद चंद्रमा की कक्षा जैसी जगहों पर नेविगेशन से जुड़ी चुनौतियों से निपटना है।
यह तकनीक सैटेलाइट्स को और भी ज्यादा आत्मनिर्भर बना सकती है। इसकी मदद से अंतरिक्ष में होने वाली टक्करों से बचा जा सकेगा और स्पेस ट्रैफिक मैनेजमेंट भी बेहतर होगा।
नासा इस साल और भी परीक्षण करने की तैयारी में है, ताकि अंतरिक्ष में फाल्कन की ऑटोनॉमस ऑपरेशंस क्षमताओं को और विकसित किया जा सके।