नासा का वोयाजर 1 बनेगा धरती से एक प्रकाश-दिवस दूर पहुंचने वाला पहला मानव निर्मित वस्तु
क्या है खबर?
अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अंतरिक्ष यान वोयाजर 1 इस महीने एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। 18 नवंबर को यह पृथ्वी से इतनी दूर पहुंच जाएगा कि वहां से भेजे गए मैसेज को आने-जाने में पूरा एक दिन नहीं, बल्कि 2 दिन लगेंगे। उस समय यान और धरती के बीच की दूरी करीब 16.09 अरब मील यानी 25.89 अरब किलोमीटर होगी। यह दूरी तय करने वाला वोयाजर 1 पहला मानव निर्मित यान बन जाएगा।
सफर
करीब 50 साल से अंतरिक्ष में कर रहा सफर
वोयाजर 1 को 5 सितंबर, 1977 को बृहस्पति और शनि ग्रहों की जानकारी जुटाने के लिए रवाना किया गया था।
इन ग्रहों का अध्ययन पूरा करने के बाद इसने अपनी यात्रा जारी रखी हुई है। अगस्त, 2012 में यह सूर्य के प्रभाव वाले क्षेत्र से बाहर निकलकर इंटरस्टेलर स्पेस में पहुंच गया। तब से यह लगातार अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारियां भेज रहा है।
इसकी गति करीब 61 हजार किलोमीटर प्रति घंटा है।
संपर्क
यान से संपर्क करना होगा और मुश्किल
18 नवंबर को वोयाजर 1 पृथ्वी से 1 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर पहुंच जाएगा।
इसका मतलब है कि धरती से भेजा गया रेडियो मैसेज यान तक पहुंचने में करीब 24 घंटे लेगा। वहां से जवाब वापस आने में भी एक दिन लगेगा। अक्टूबर में नासा का संपर्क कुछ समय के लिए यान से टूट गया था।
18 और 19 अक्टूबर को सिग्नल नहीं मिला, लेकिन 20 अक्टूबर को बिना किसी नए आदेश के संपर्क दोबारा स्थापित हो गया।
अन्य
सीमित बिजली के सहारे जारी है यात्रा
लगातार काम से इसकी बिजली बनाने की क्षमता घट रही है।
इसमें लगे जनरेटर प्लूटोनियम से पैदा होने वाली गर्मी को बिजली में बदलते हैं। बिजली बचाने के लिए नासा ने सितंबर में कुछ उपकरण बंद कर दिए और कम बिजली लेने वाले विकल्पों का इस्तेमाल किया।
इससे इसके वैज्ञानिक उपकरणों को लंबे समय तक चालू रखने में मदद मिलेगी। यह यान अब भी अंतरिक्ष के उस हिस्से का अध्ययन कर रहा, जहां तक कोई दूसरा यान नहीं पहुंचा है।