जल्द ही अंतरिक्ष में चांद के पास जाएंगे नासा के ये अंतरिक्ष यात्री
क्या है खबर?
अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने अगले चंद्र मिशन आर्टेमिस-II की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। इस मिशन को इसी साल फरवरी में लॉन्च किया जाना प्रस्तावित है। आर्टेमिस-II अपोलो कार्यक्रम के बाद नासा का पहला क्रू वाला चंद्र मिशन होगा। इसमें चार अंतरिक्ष यात्री चांद के चारों ओर उड़ान भरेंगे और सुरक्षित वापसी करेंगे। नासा के मुताबिक, यह मिशन भविष्य में चांद पर लैंडिंग और गहरे अंतरिक्ष अभियानों की मजबूत नींव तैयार करेगा।
मिशन
क्या है आर्टेमिस-II मिशन?
आर्टेमिस-II मिशन में अंतरिक्ष यात्री ओरियन अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष की यात्रा करेंगे। लॉन्च के लिए नासा का शक्तिशाली स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट इस्तेमाल होगा। यह मिशन करीब 10 दिनों तक चलेगा और कई अहम चरणों से गुजरेगा। अंतरिक्ष यान पहले पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगाएगा और फिर चांद के पास से फ्लाईबाई करेगा। इस दौरान लाइफ सपोर्ट सिस्टम, मैनुअल कंट्रोल और डीप-स्पेस कम्युनिकेशन सिस्टम की पूरी तरह जांच की जाएगी।
पायलट
मिशन कमांडर और पायलट
इस ऐतिहासिक मिशन की कमान नासा के अनुभवी एस्ट्रोनॉट रीड वाइसमैन संभालेंगे, जिन्हें लीडरशिप का लंबा अनुभव है। वह पहले इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर 165 दिन बिता चुके हैं। मिशन में पायलट की भूमिका विक्टर ग्लोवर निभाएंगे, जो अमेरिकी नौसेना के कैप्टन रह चुके हैं। ग्लोवर पहले स्पेस-X के क्रू-1 मिशन में उड़ान भर चुके हैं और कई स्पेसवॉक का अनुभव रखते हैं, जो इस मिशन में बहुत अहम होगा।
स्पेशलिस्ट
मिशन स्पेशलिस्ट कौन हैं?
आर्टेमिस-II में दो मिशन स्पेशलिस्ट भी शामिल हैं, जिनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। नासा की अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच, जिन्होंने अंतरिक्ष में सबसे लंबी महिला उड़ान का रिकॉर्ड बनाया है, मिशन का एक अहम हिस्सा होंगी। वहीं कनाडा के अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन इस मिशन में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व करेंगे। वह चांद के पास जाने वाले पहले गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री बनेंगे, जिससे वैश्विक सहयोग और साझेदारी को एक नई पहचान भी मिलेगी।