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नासा ने दिखाई पेंगुइन के गुलाबी मल की तस्वीर, वैज्ञानिकों को मिला बड़ा सुराग
नासा ने दिखाई पेंगुइन की गुलाबी मल की तस्वीर

नासा ने दिखाई पेंगुइन के गुलाबी मल की तस्वीर, वैज्ञानिकों को मिला बड़ा सुराग

Aug 06, 2026
08:01 pm

क्या है खबर?

नासा ने अंटार्कटिका में रहने वाले एडेली पेंगुइन की गुलाबी मल की सैटेलाइट तस्वीर साझा की है। पहली नजर में यह सामान्य बात लग सकती है, लेकिन वैज्ञानिकों के लिए यह काफी अहम जानकारी देती है। इस गुलाबी रंग की मदद से पेंगुइन की मौजूदगी, उनके खाने की आदतों और अंटार्कटिका के बदलते पर्यावरण को समझने में सहायता मिलती है। वैज्ञानिक लगातार इन तस्वीरों का अध्ययन कर रहे हैं और उनसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारी जुटा रहे हैं।

वजह

गुलाबी रंग के पीछे क्या है वजह?

वैज्ञानिकों के अनुसार, एडेली पेंगुइन मुख्य रूप से अंटार्कटिक क्रिल और छोटी मछलियां खाते हैं।

क्रिल में कैरोटीनॉयड नाम का प्राकृतिक लाल-नारंगी रंगद्रव्य होता है। यही पदार्थ पेंगुइन के शरीर से बाहर निकलने पर उनके मल को गुलाबी रंग देता है।

अगर पेंगुइन ज्यादा क्रिल खाते हैं तो रंग अधिक चमकीला दिखाई देता है, जबकि मछलियां ज्यादा खाने पर इसका रंग हल्का पड़ सकता है और इससे उनके भोजन का भी पता चलता है।

संकेत

जलवायु बदलाव का भी मिलता है संकेत

वैज्ञानिकों का कहना है कि पेंगुइन की गुलाबी मल से यह भी पता चलता है कि समुद्री बर्फ और भोजन के स्रोतों में क्या बदलाव हो रहे हैं।

बर्फ कम होने पर क्रिल और मछलियों की उपलब्धता बदल सकती है। इससे पेंगुइन के भोजन और उनके मल के रंग पर भी असर पड़ता है।

इस जानकारी से अंटार्कटिका के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र और जलवायु परिवर्तन को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलती है।

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निगरानी

सैटेलाइट से होती है निगरानी

नासा के सैटेलाइट अंटार्कटिका की सफेद बर्फ पर बने बड़े गुलाबी धब्बों को आसानी से पहचान लेते हैं।

इससे वैज्ञानिक पेंगुइन की कॉलोनियों का पता लगाते हैं, उनकी संख्या का अनुमान लगाते हैं और समय के साथ होने वाले बदलावों पर नजर रखते हैं।

इस तकनीक से दूर-दराज के इलाकों में बार-बार जाने की जरूरत कम हो जाती है और शोध कार्य पहले से ज्यादा आसान, तेज और प्रभावी बन जाता है।

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