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नासा से 4,000 कर्मचारियों की हुई छंटनी, चीन निकल रहा अंतरिक्ष क्षेत्र में आगे
नासा से 4,000 कर्मचारियों की हुई छंटनी (तस्वीर: पिक्साबे)

नासा से 4,000 कर्मचारियों की हुई छंटनी, चीन निकल रहा अंतरिक्ष क्षेत्र में आगे

Jan 15, 2026
03:53 pm

क्या है खबर?

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा से बीते साल बड़े स्तर पर कर्मचारियों की कटौती हुई है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद बजट में कटौती के चलते हजारों कर्मचारियों को एजेंसी छोड़नी पड़ी। इसका असर नासा की योजनाओं, रिसर्च और भविष्य के मिशनों पर साफ दिख रहा है। कर्मचारियों की संख्या घटने से काम की रफ्तार धीमी हुई है। इसी वजह से यह आशंका जताई जा रही है कि अंतरिक्ष की दौड़ में अमेरिका चीन से पीछे रह सकता है।

दिक्कतें

अमेरिका की चंद्र योजनाओं में बढ़ती दिक्कतें

अपोलो मिशन के बाद पहली बार अमेरिका चांद की रेस में साफ बढ़त में नहीं दिख रहा है। नासा का आर्टेमिस प्रोग्राम बार-बार देरी का शिकार हो रहा है। स्पेस लॉन्च सिस्टम और ओरियन कैप्सूल पुरानी तकनीक पर आधारित हैं और इनकी लागत भी काफी ज्यादा है। जरूरी लूनर लैंडर और दूसरे सिस्टम अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं। नेतृत्व में बार-बार बदलाव और राजनीतिक दबाव ने लंबी योजना को कमजोर कर दिया है।

प्रोग्राम  

चीन का योजनाबद्ध और तेज स्पेस प्रोग्राम  

चीन का अंतरिक्ष कार्यक्रम पूरी तरह योजनाबद्ध और स्थिर नजर आता है। 2024 में चीन ने चांग ई-6 मिशन के जरिए चांद के दूर वाले हिस्से से सैंपल लाकर इतिहास रच दिया। यह मिशन भविष्य के मानव मिशनों के लिए जरूरी तकनीक दिखाता है। चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ और दूसरे संसाधनों पर ध्यान दे रहा है। आने वाले मिशन चांद पर लंबे समय तक मौजूदगी की तैयारी हैं।

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अन्य

घटता अंतर और बदलती स्पेस इकॉनमी 

अमेरिका अभी भी वैश्विक स्पेस इकॉनमी में मजबूत स्थिति में है, लेकिन चीन तेजी से अंतर कम कर रहा है। चीन की सरकारी और निजी कंपनियां मिलकर रॉकेट, सैटेलाइट और नई तकनीक पर काम कर रही हैं। दूसरी ओर, अमेरिका का स्पेस प्रोग्राम बिखरा हुआ दिखता है। लगातार फंडिंग, स्थिर नेतृत्व और लंबी सोच की कमी अमेरिका के लिए चुनौती बन रही है, जिससे भविष्य में स्पेस रेस का संतुलन बदल सकता है।

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