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अंतरिक्ष में अब और तेज होगा काम, नासा ISS पर लैपटॉप कर रही अपग्रेड
ISS पर लैपटॉप अपग्रेड

अंतरिक्ष में अब और तेज होगा काम, नासा ISS पर लैपटॉप कर रही अपग्रेड

Apr 22, 2026
01:59 pm

क्या है खबर?

अंतरिक्ष में काम करने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को भी समय-समय पर अपने उपकरण अपडेट करने पड़ते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर अब नए और ज्यादा पावरफुल लैपटॉप का इस्तेमाल शुरू किया जा रहा है। नासा के अनुसार, एक्सपीडिशन 74 का क्रू पुराने सिस्टम को बदलकर नए कंप्यूटर को एक्टिव करने की प्रक्रिया में है। 2025 से भेजे गए ये लैपटॉप अब इंस्टॉल और चालू किए जा रहे हैं, ताकि पूरा सिस्टम सही तरीके से काम करे।

लैपटॉप

नए HP ZBook G9 लैपटॉप होंगे इस्तेमाल

नासा ने बताया कि ISS के लिए HP ZBook G9 मोबाइल वर्कस्टेशन को चुना गया है। ये लैपटॉप खास तौर पर अंतरिक्ष के माहौल के लिए तैयार किए गए हैं। इसमें इंटेल कोर अल्ट्रा 9 vPro HX प्रोसेसर, एनवीडिया RTX प्रो ब्लैकवेल GPU, 128GB DDR5 मेमोरी और चार 2TB NVMe SSD जैसे दमदार फीचर्स दिए गए हैं। इससे अंतरिक्ष यात्रियों को डाटा एनालिसिस और वैज्ञानिक काम करने में काफी मदद मिलेगी और सिस्टम पहले से ज्यादा तेज काम करेगा।

डिजाइन

स्पेस के लिए खास पावर सिस्टम डिजाइन

ISS पर बिजली का सिस्टम धरती से अलग होता है, इसलिए इन लैपटॉप के लिए खास पावर एडॉप्टर बनाए गए हैं। ISS पर ज्यादातर DC पावर का इस्तेमाल होता है, जबकि धरती पर AC पावर चलता है। इसलिए एक 'नासा-एक्सक्लूसिव' DC पावर एडॉप्टर तैयार किया गया है, जो अंतरिक्ष और धरती दोनों जगह काम कर सके। इससे यह सुनिश्चित होता है कि लैपटॉप बिना किसी रुकावट के सुरक्षित और स्थिर तरीके से चलते रहें।

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बदलाव

पुराने सिस्टम से नए सिस्टम की ओर बदलाव

नए लैपटॉप अक्टूबर, 2025 से ISS पर भेजे जा रहे हैं, जिससे पुराने HP ZBook G2 सिस्टम को धीरे-धीरे बदला जा रहा है। फिलहाल स्टेशन पर HP के 100 से ज्यादा वर्कस्टेशन इस्तेमाल में हैं। यह अपग्रेड ISS के काम को और बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, भविष्य में बड़े अपग्रेड की संभावना कम है, क्योंकि ISS को साल 2030 तक डी-ऑर्बिट करने की योजना है।

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