नासा ने खोजा मंगल ग्रह पर धरती जैसी प्राकृतिक रंगीन रोशनी का राज
नासा ने हाल ही में पता लगाया है कि मंगल ग्रह पर भी ठीक वैसे ही ऑरोरा (प्राकृतिक रंगीन प्रकाश की घटना) दिखाई देते हैं, जैसे हमारी धरती पर।
इस खोज से पता चला है कि भले ही मंगल पर धरती जितना बड़ा चुंबकीय क्षेत्र न हो, फिर भी वहां धरती के चुंबकीय प्रक्रिया (डंजी चक्र) का एक छोटा रूप मौजूद है।
इसी छोटे चक्र की वजह से सूरज से आने वाले आवेशित कण मंगल के आसमान को जगमगा देते हैं। वैज्ञानिकों के लिए यह खोज मंगल के चुंबकत्व को समझने का एक नया रास्ता खोलती है।
लावा में फंसे रह गए थे चुबकत्व के अंश
इस गुत्थी को सुलझाने में मावेन अंतरिक्ष यान का अहम योगदान रहा। इसके उपकरणों ने खोजा कि अरबों साल पहले मंगल के प्राचीन लावा में चुंबकत्व के कुछ अंश फंस गए थे।
यही अंश आज भी वहां स्थानीय चुंबकीय क्षेत्र बनाते हैं। इस खोज को अप्रत्याशित बताते हुए प्रमुख लेखक शाओसुई जू ने कहा कि यह हैरान करने वाला है।
दूसरी तरफ, मावेन की प्रमुख अन्वेषक शैनन करी ने इसे मंगल के अंतरिक्ष मौसम के साथ उसके परस्पर क्रिया को समझने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य के मिशनों की योजना बनाने के लिए यह जानकारी बेहद अहम है।