नासा के क्रू-12 मिशन के अंतरिक्ष यात्री ISS पर कौन-कौन से वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे?
क्या है खबर?
नासा ने स्पेस-X के साथ मिलकर अपने क्रू-12 मिशन को लॉन्च कर दिया है। इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर भेजा गया है। ये सभी यात्री स्पेस-X के ड्रैगन अंतरिक्ष यान में सवार होकर फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए आठ महीनों के लिए ISS की ओर रवाना हुए। यह मिशन कमर्शियल क्रू प्रोग्राम का हिस्सा है और स्टेशन पर वैज्ञानिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से संचालित किया गया है।
वैज्ञानिक प्रयोग
वैज्ञानिक प्रयोगों पर रहेगा फोकस
स्पेस स्टेशन पर पहुंचने के बाद अंतरिक्ष यात्री कई अहम वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। इसमें माइक्रोग्रैविटी में रक्त प्रवाह और ब्लड क्लॉट बनने की प्रक्रिया पर अध्ययन शामिल है। वे अल्ट्रासाउंड तकनीक की मदद से शरीर में होने वाले बदलावों को समझेंगे। इसके अलावा, निमोनिया से जुड़े बैक्टीरिया पर रिसर्च की जाएगी, ताकि धरती पर इलाज बेहतर बनाया जा सके। ये अध्ययन भविष्य की लंबी अंतरिक्ष यात्राओं के लिए भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
अन्य
चांद मिशन और स्वास्थ्य पर रिसर्च
क्रू-12 मिशन के तहत टीम चांद पर संभावित लैंडिंग की तैयारी के लिए मैनुअल पायलटिंग का भी अभ्यास करेगी। वे अलग-अलग गुरुत्वाकर्षण परिस्थितियों में काम करने की ट्रेनिंग लेंगे। इसके साथ ही, आंखों की रोशनी पर अंतरिक्ष के असर का अध्ययन और बी-विटामिन सप्लीमेंट के परीक्षण भी किए जाएंगे। अंतरिक्ष में भोजन उत्पादन बढ़ाने के लिए माइक्रोब्स और पौधों की निगरानी तकनीक का परीक्षण भी इस मिशन का हिस्सा है।