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नासा के भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने पूरा किया अपना पहला स्पेसवॉक
अनिल मेनन ने पूरा किया पहला स्पेसवॉक

नासा के भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने पूरा किया अपना पहला स्पेसवॉक

Aug 07, 2026
04:48 pm

क्या है खबर?

भारतीय मूल के नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) के बाहर अपना पहला स्पेसवॉक सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह उनके पहले अंतरिक्ष मिशन की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उन्होंने नासा की अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर के साथ यह मिशन पूरा किया। नासा के अनुसार, दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने तय सभी मुख्य लक्ष्य हासिल किए। इस सफलता के साथ अनिल मेनन ने अंतरिक्ष मिशन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली।

स्पेसवॉक

6 घंटे 27 मिनट तक अंतरिक्ष में किया काम

मेनन और जेसिका मीर ने 6 अगस्त को स्पेसवॉक-96 के दौरान ISS के बाहर निकलकर कुल 6 घंटे 27 मिनट तक काम किया।

अंतरिक्ष में दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने तय योजना के अनुसार सभी जरूरी तकनीकी कार्य पूरे किए और सभी निर्धारित लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किए। मेनन के लिए यह पहला स्पेसवॉक था, जबकि मीर का यह छठा स्पेसवॉक रहा।

नासा के अनुसार, यह स्पेसवॉक भारतीय समय के अनुसार 7 अगस्त को रात 12:30 बजे समाप्त हुआ।

तैयारी

पावर सिस्टम को अपग्रेड करने की तैयारी

स्पेसवॉक के दौरान दोनों अंतरिक्ष यात्रियों का मुख्य काम स्टेशन के 3B पावर चैनल को भविष्य के अपग्रेड के लिए तैयार करना था।

इससे आगे चलकर नए IROSA सोलर एरे लगाए जा सकेंगे, जो ISS को अधिक बिजली उपलब्ध कराएंगे। यह अपग्रेड स्टेशन के सिस्टम को लंबे समय तक बेहतर ढंग से चलाने, वैज्ञानिक मिशनों को समर्थन देने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में भी मदद करेगा।

इससे स्टेशन की क्षमता और भी मजबूत होगी।

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मिशन

मिशन जारी रहेगा

पहला स्पेसवॉक पूरा होने के बाद भी मेनन का मिशन समाप्त नहीं हुआ है।

वह ISS पर वैज्ञानिक प्रयोग, स्टेशन के रखरखाव और दूसरे तकनीकी कार्यों में अपनी टीम के साथ योगदान देते रहेंगे। नासा का कहना है कि यह मिशन स्टेशन के पावर सिस्टम को मजबूत बनाने की बड़ी योजना का हिस्सा है।

इससे भविष्य के अनुसंधान, नए अंतरिक्ष अभियानों और वैज्ञानिक प्रयोगों को भी महत्वपूर्ण सहायता मिलने की उम्मीद है।

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