चांद के बर्फीले ध्रुव पर भी टिक सकते हैं धरती के सूक्ष्म जीव, अध्ययन में खुलासा
अध्ययन से पता चला है कि पृथ्वी के कुछ सूक्ष्म जीव हमारी सोच से कहीं ज्यादा ताकतवर हैं। नासा और मैरीलैंड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि इंसानी मिशनों के साथ जाने वाले बैक्टीरिया और फंगस चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के एकदम ठंडे और अंधेरे इलाकों में भी जिंदा रह सकते हैं।
इस खोज से उन पुरानी धारणाओं पर सवाल खड़ा हो गया है, जिनमें माना जाता था कि इंसानी मिशनों के साथ चांद पर जाने वाले छोटे-छोटे सूक्ष्म जीव वहां पहुंचते ही मर जाएंगे।
सूक्ष्म जीव चंद्र नमूनों को कर सकते हैं दूषित
इस टीम ने नासा के ऑर्बिटर से मिले डाटा का इस्तेमाल करके चंद्रमा जैसी स्थितियां बनाईं और 5 आम अंतरिक्ष सूक्ष्म जीवों पर परीक्षण किया। ये सभी सूक्ष्म जीव चंद्रमा के छायादार इलाकों में कम से कम 24 घंटे तक जिंदा रहे, भले ही निष्क्रिय अवस्था में। इनमें से एक एस्परगिलस नाइगर नाम का फंगस इन ठंडी और अंधेरी जगहों पर एक सप्ताह तक टिक सकता है।
अब वैज्ञानिकों को चिंता है कि ये सूक्ष्म जीव चांद की मिट्टी के नमूनों को खराब कर सकते हैं, जिससे चंद्रमा के इतिहास को समझना और मुश्किल हो जाएगा।
आर्टेमिस III मिशन के तहत जल्द ही इंसान चंद्रमा पर उतरने वाले हैं, ऐसे में चीजों को साफ-सुथरा रखना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।