ओरियन की पृथ्वी पर वापसी के 13 मिनट थे सबसे खतरनाक, यह खराबी थी बाधा
क्या है खबर?
नासा के ऐतिहासिक 10 दिवसीय चंद्र मिशन सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद इसमें शामिल चारों अंतरिक्ष यात्री धरती पर लौट आए हैं, लेकिन वापसी की यह यात्रा आसान नहीं थी। लैंडिंग से पहले के अंतिम 13 मिनट आर्टेमिस II उड़ान में सवार अंतरिक्ष यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण थे। साथ ही यह ओरियन अंतरिक्ष यान के हीट शील्ड की परीक्षा थी, जिसकी खामी को वैज्ञानिकों ने दूसरे तरह से संभालते हुए लैंडिंग को सफलता से पूरा कराया।
खराबी
2022 में परीक्षा में सामने आ गई थी खराबी
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी को ओरियन अंतरिक्ष यान के हीट शील्ड में खराबी के बारे में 1 अप्रैल को कैनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्चपैड से उड़ान भरने से पहले ही पता था। इस खराबी को चालक दल ने इंटीग्रिटी नाम दिया था। 2022 की परीक्षण उड़ान के दौरान भी धरती पर वापस लौटते समय इसे अत्यधिक गर्मी और तनाव का सामना करना पड़ा था। इंजीनियर्स ने हीट शील्ड पर 100 से अधिक ऐसे स्थान पाए थे, जो इस दौरान टूट गए।
उपलब्धि
कैप्सूल की क्षमता हुई साबित
हीट शील्ड इस समस्या का हल नासा के इंजीनियर्स ने आर्टेमिस II के उतरने के मार्ग में बदलाव कर किया, ताकि गर्मी का जमाव कम होने के साथ कैप्सूल और उसके चालक दल के लिए जोखिम कम हो सके। चालक दल की घर वापसी ने ओरियन के लिए एक महत्वपूर्ण अंतिम बाधा को पार कर लिया। इससे साबित हो गया कि यह पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश के दौरान उत्पन्न होने वाले अत्यधिक बल को सहन कर सकता है।
बदलाव
सही कोण पर उतारा गया कैप्सूल
फॉर्च्यून के अनुसार, आर्टेमिस II की शील्ड आर्टेमिस I की शील्ड से काफी कम भेद्य थी। इस कारण उसी प्रकार की विफलता होने की संभावना और भी अधिक थी। नासा ने आर्टेमिस II को उसी दोषपूर्ण डिजाइन के साथ उड़ाया और कैप्सूल के लौटने के तरीके में बदलाव किया। एक सफल लैंडिंग के लिए 4 अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी के वायुमंडल में सही कोण पर, सही गति से और सही समय पर प्रवेश करना था और उन्होंने ऐसा कर दिखाया।
लैंडिंग
ऐसे हुई सफल लैंडिंग
लैंडिंग से पहले पृथ्वी के वायुमंडल में 13 मिनट की तीव्र गति से प्रवेश करने के कारण घर्षण से कैप्सूल के बाहरी भाग का तापमान लगभग 2,760 डिग्री तक पहुंच गया। प्लाज्मा की लाल-गर्म परत ने कैप्सूल को घेर लिया और चालक दल से कई मिनटों तक रेडियो संचार बाधित हो गया। दोबारा संपर्क स्थापित होने पर कैप्सूल के पैराशूट खुल गए, जिससे इसकी गति लगभग 25 किमी/घंटा तक धीमी हो गई और वह पानी पर लैंड हो गया।
ट्विटर पोस्ट
सफलता से लैंड हुआ ओरियन
Welcome home Reid, Victor, Christina, and Jeremy! 🫶
— NASA (@NASA) April 11, 2026
The Artemis II astronauts have splashed down at 8:07pm ET (0007 UTC April 11), bringing their historic 10-day mission around the Moon to an end. pic.twitter.com/1yjAgHEOYl