मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने लैब में बनाई पहली कृत्रिम कोशिका
मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने 'स्पडसेल्स' नाम की सिंथेटिक सेल (कृत्रिम कोशिका) बनाई हैं। ये पूरी तरह से बनावटी हैं, यानि इन्हें किसी भी जीवित चीज की नकल से नहीं, बल्कि शुरुआत से बनाया गया है।
इन कोशिकाओं के बढ़ने को नियंत्रित करने के लिए 7 खास DNA लूप्स का इस्तेमाल किया गया है और ये खुद की नकल भी बना सकती हैं, लेकिन असली कोशिकाओं की तरह इनमें मेटाबॉलिज्म नहीं होता और ये सिर्फ खास लैब की स्थितियों में ही जिंदा रह सकती हैं।
कोशिका को विकसित करने में लगे 5 साल
इस क्षेत्र के विशेषज्ञ जॉन ग्लास ने इस खोज को एक 'ऐतिहासिक घटना' बताया है क्योंकि इन आर्टिफिशियल जेनेटिक सिस्टम्स को कितनी बारीकी से तैयार किया गया है।
इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने में केट एडमला की टीम को करीब 5 साल का समय लगा। उनका यह काम दुनियाभर में नए प्रयासों को प्रेरित कर रहा है। सिनसेल एशिया इनिशिएटिव की प्रेरणा मिलेगी, जिसका मकसद सिंथेटिक सेल रिसर्च को एक जैसा और तेज बनाना है।
इससे जीवविज्ञान और मेडिसिन के क्षेत्र में भविष्य की नई तकनीकों के लिए रास्ते खुल रहे हैं।