AI कंपनी मिडजर्नी ने पेश किया फुल-बॉडी स्कैनर, जानिए क्या है और कैसे करेगा काम
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इमेज बनाने वाली कंपनी मिडजर्नी अब मेडिकल तकनीक के क्षेत्र में कदम रख रही है। कंपनी ने मिडजर्नी स्कैनर नाम का एक नया डिवाइस पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह स्कैनर MRI जैसी जानकारी देने में सक्षम होगा, लेकिन इसमें बहुत कम समय लगेगा और किसी तरह का रेडिएशन भी नहीं होगा। हालांकि, इस तकनीक की क्लिनिकल जांच अभी बाकी है और इसके दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दावा
सिर्फ 60 सेकंड में पूरे शरीर की स्कैनिंग का दावा
मिडजर्नी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डेविड होल्ज के अनुसार, इस स्कैनर से पूरे शरीर की जांच सिर्फ 60 सेकंड में की जा सकती है। इसके लिए व्यक्ति को थोड़ी देर पानी के अंदर बने एक प्लेटफॉर्म पर खड़ा होना होगा। स्कैनर में बड़ी संख्या में पानी के नीचे लगे सेंसर हैं, जो शरीर के भीतर की जानकारी इकट्ठा करते हैं। कंपनी का कहना है कि यह प्रक्रिया तेज और आसान अनुभव देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
काम
अल्ट्रासाउंड और सेंसर से बनेगा शरीर का 3D नक्शा
कंपनी के मुताबिक, यह स्कैनर अल्ट्रासाउंड तकनीक और लाखों सेंसर की मदद से काम करता है। ये सेंसर शरीर के अलग-अलग हिस्सों की परतों की तस्वीर लेकर मांसपेशियों, हड्डियों, चर्बी और अंगों का विस्तृत त्रि-आयामी नक्शा तैयार करते हैं। मिडजर्नी ने यह तकनीक अल्ट्रासाउंड कंपनी बटरफ्लाई नेटवर्क के साथ मिलकर विकसित की है। कंपनी का दावा है कि यह सिस्टम हर सेकंड बहुत बड़ी मात्रा में डेटा तैयार करता है और उसे AI की मदद से समझने योग्य बनाता है।
दावा
रेडिएशन और चुंबकीय क्षेत्र नहीं होने का दावा
मिडजर्नी का कहना है कि उसका स्कैनर ध्वनि तरंगों और पानी की मदद से काम करता है, इसलिए इसमें न तो रेडिएशन निकलता है और न ही MRI मशीनों की तरह शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र का इस्तेमाल होता है। यह तकनीक कई मामलों में MRI जैसी इमेज क्वालिटी देने में सक्षम है। साथ ही, जहां MRI स्कैन में 30 से 90 मिनट लग सकते हैं, वहीं यह स्कैनर एक मिनट के भीतर जांच पूरी करने का दावा कर रहा है।
योजना
2027 में पहला स्कैनिंग सेंटर खोलने की योजना
कंपनी ने बताया है कि 2027 के अंत तक सैन फ्रांसिस्को में पहला मिडजर्नी स्पा शुरू करने की योजना है, जहां इस स्कैनर की सुविधा उपलब्ध होगी। यहां कई स्कैनर के साथ जिम, हॉट टब और दूसरी सुविधाएं भी होंगी। कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में दुनियाभर में हजारों ऐसे स्कैनर स्थापित करना है। हालांकि, डायग्नोस्टिक उपयोग के लिए इस तकनीक को अमेरिकी नियामक संस्था से मंजूरी मिलना अभी बाकी है।