माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज और AI को किया अपडेट, डेवलपर्स का काम होगा आसान
माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में कई बड़े सुधारों का ऐलान किया है। कंपनी का मकसद है कि इससे डेवलपर्स का काम और आसान हो जाए, साथ ही नई-नई खोजों को बढ़ावा मिले।
यह खबर ऐसे वक्त आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक कंपनियों से एक बड़ी मांग की है। उन्होंने कहा है कि कोई भी AI मॉडल जनता के लिए जारी करने से 30 दिन पहले सरकार को उसकी जानकारी दी जाए। उन्होंने इसे देश की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है।
शक्तिशाली AI मॉडल किया लॉन्च
कंपनी की ओर से किए जा रहे बदलावों के तहत विंडोज डिवाइस अब AI मॉडल को सीधे लैपटॉप पर चला सकेंगे। इसके लिए नए क्रॉस-प्लेटफॉर्म टूल और खास कस्टम प्रोसेसर दिए गए हैं, जिनसे कम कीमत में भी अच्छी स्पीड मिलेगी।
माइक्रोसॉफ्ट ने 'प्रोजेक्ट सोलारा' भी दिखाया है, जो सभी तरह के डिवाइस के लिए एक खास AI प्लेटफॉर्म है। साथ ही, कंपनी ने 35 अरब पैरामीटर वाला एक शक्तिशाली AI मॉडल भी पेश किया है, जो गूगल और OpenAI के मॉडल को टक्कर दे सकता है। इसके अलावा, उन्होंने एंथ्रोपिक के साथ मिलकर 'एम-डैश' नाम का एक ऑटोमेटेड साइबर सुरक्षा टूल भी लॉन्च किया है।
शेयरों में आई करीब 4 फीसदी गिरे
इतनी सारी तकनीकी चर्चा और नए ऐलान के बावजूद, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर लगभग 4 फीसदी नीचे आ गए। इस गिरावट की एक वजह यह भी मानी जा रही है कि निवेशकों को अमेरिका में AI से जुड़े नियमों के और सख्त होने का डर सता रहा है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि माइक्रोसॉफ्ट नई तकनीकों को पेश करने और सरकारी नियमों का पालन करने के बीच एक अच्छा संतुलन बनाए हुए है।