माइक्रोसॉफ्ट ने AI पर काम करने वाले डिवाइस के लिए पेश किया प्रोजेक्ट सोलारा
बिल्ड 2026 में माइक्रोसॉफ्ट ने अपने 'प्रोजेक्ट सोलारा' का खुलासा किया, जो एक नया एंड्रॉयड आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसे ऐसे डिवाइसेज के लिए बनाया गया है, जो सिर्फ ऐप्स पर नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर काम करते हैं।
इसका मकसद यह है कि कंपनियां अपने खुद के स्मार्ट एजेंट्स बना सकें, जो अलग-अलग काम निपटा सकें। इससे टेक्नोलॉजी सिर्फ ऐप्स चलाने तक सीमित न रहे, बल्कि काम पूरे करने पर ध्यान दे।
सोलारा माइक्रोसॉफ्ट के डिवाइस इकोसिस्टम प्लेटफॉर्म (MDEP) पर आधारित है, जो इसमें ओवर द एयर (OTA) अपडेट्स और डिफेंडर सिक्योरिटी जैसी सुविधाएं पहले से देता है।
प्रोजेक्ट सोलारा के 2 कॉन्सेप्ट डिवाइस किए पेश
माइक्रोसॉफ्ट ने 2 कॉन्सेप्ट डिवाइसेज की झलक दिखाई। एक बैज के आकार का गैजेट है, जिसमें टचस्क्रीन, कैमरा, 5G और फिंगरप्रिंट लॉग-इन दिया गया है। यह मीटिंग्स रिकॉर्ड करने और शेड्यूल देखने जैसे कामों के लिए बिल्कुल सही है।
दूसरा डेस्क कंपेनियन है, जो माइक्रोसॉफ्ट 365 के कोपायलट जैसे टूल्स से सिंक हो जाता है। कंपनी इन गैजेट्स को खुद नहीं बना रही है, बल्कि उनके डिजाइन साझा कर रही है, ताकि हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियां उन पर काम कर सकें।
वह चिप्स के लिए क्वालकॉम और मीडियाटेक के साथ मिलकर काम कर रही है। आने वाले महीनों में CVS हेल्थ और टारगेट जैसी कंपनियों के साथ प्राइवेट पायलट प्रोजेक्ट शुरू होंगे और अभी सैकड़ों कर्मचारी अंदरूनी तौर पर इन डिवाइसेज का टेस्ट कर रहे हैं।