माइक्रोसॉफ्ट ने AI की बढ़ती दौड़ के कारण पर्यावरण लक्ष्यों में पिछड़ने की बात स्वीकारी
माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में स्वीकार किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में उसकी तेजी से बढ़ती भागीदारी की वजह से कंपनी के जलवायु लक्ष्यों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
कंपनी के क्लाउड ऑपरेशंस और इनोवेशन की प्रमुख नोएल वाल्श ने एक मेमो में बताया कि AI से जुड़े काम बढ़ने के कारण कंपनी के पर्यावरण से जुड़े वादों को निभाना अब और मुश्किल होता जा रहा है।
हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कंपनी अभी भी अनुशासन, पारदर्शिता और पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को कम करने और फायदे बढ़ाने पर लगातार ध्यान देते हुए डाटा सेंटर बनाने में जुटी है।
विरोध के बीच कंपनी ने उठाए ये कदम
नए डाटा सेंटर्स का स्थानीय लोग लगातार विरोध कर रहे हैं। इस साल की पहली तिमाही में ही लगभग 130 अरब डॉलर (करीब 12,000 अरब रुपये) के कम से कम 75 प्रोजेक्ट या तो रुके पड़े हैं या रद्द कर दिए गए हैं।
लोगों की चिंताओं को कम करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने घोषणा की है कि वह विकास वाले इलाकों में प्रॉपर्टी टैक्स में किसी तरह की छूट नहीं मांगेगी। कंपनी अपने यूटिलिटी खर्चों का भुगतान भी खुद ही करेगी, ताकि स्थानीय निवासियों पर बिलों का अतिरिक्त बोझ न पड़े। माइक्रोसॉफ्ट ने सेंटर में पानी के इस्तेमाल को करीब 90 फीसदी तक कम कर दिया है। साथ ही, कंपनी ने दुनियाभर में 40 गीगावाट तक रिन्यूएबल एनर्जी के लिए कई समझौते भी किए हैं।