मेटा ने की KOSA कानून की पैरवी, बच्चों के मुकदमों से मिलेगी राहत
इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा एक नए कानून की पैरवी कर रही है। इससे कंपनी अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों को होने वाले नुकसान से जुड़े मुकदमों से बचना चाहती है।
यह किड्स ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट (KOSA) का एक अहम हिस्सा है, जिस पर फिलहाल अमेरिकी सीनेट में बहस चल रही है।
अगर, यह कानून पारित हो जाता है तो सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ दायर हजारों मुकदमों पर रोक लग सकती है।
हाल ही में मेटा और यूट्यूब को बच्चों को हुए नुकसान से जुड़े एक मामले में 60 लाख डॉलर (करीब 55 करोड़ रुपये) का हर्जाना चुकाने का आदेश मिला है, जिसके बाद यह मांग और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
इस कानून से रद्द हो जाएंगे राज्य स्तर के मुकदमे
इस प्रस्तावित प्रावधान के तहत ऑनलाइन कंपनियों को नाबालिगों की सुरक्षा या उनकी गोपनीयता से संबंधित राज्य-स्तरीय कानूनी दावों से छूट मिल जाएगी।
मेटा का दावा है कि इससे पूरे देश में एक जैसे और स्पष्ट नियम बन पाएंगे, लेकिन आलोचक इसे बड़ी टेक कंपनियों को बहुत ज्यादा कानूनी सुरक्षा कवच देने जैसा बता रहे हैं।
अमेरिकन एसोसिएशन फोर जस्टिस की जनसंपर्क उप प्रमुख जूलिया डंकन ने चेतावनी दी है कि अगर, यह प्रावधान लागू होता है तो मौजूदा सभी मुकदमों को रद्द किया जा सकता है।
उधर, सीनेटर ब्लैकबर्न के प्रवक्ता ने साफ कहा, "हमें अभी तक उस प्रस्तावित भाषा की जानकारी नहीं मिली है और हम उस पर कभी विचार भी नहीं करेंगे।"
यह पूरी बहस ऐसे समय चल रही है, जब सांसद 'एंडलेस स्क्रॉलिंग' और लगातार आने वाले नोटिफिकेशन जैसी सुविधाओं को नियंत्रित करके सोशल मीडिया को युवा यूजर्स के लिए सुरक्षित बनाने की कोशिशों में लगे हैं।