मेटा का टूल बच्चों के सोशल मीडिया लत छुड़ानें में नाकाम, शोध में किया दावा
क्या है खबर?
मेटा की ओर से बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को कम करने को लेकर किए गए एक आंतरिक शोध से एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है। इसमें पाया गया है कि माता-पिता की निगरानी और नियंत्रण का बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है। दिग्गज टेक कंपनी की ओर से शिकागो विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी में यह आंतरिक शोध किया गया, जिसे 'प्रोजेक्ट MYST' नाम दिया गया है।
निष्कर्ष
निगरानी टूल हुआ बेअसर
शोध में बताया है कि कंपनी द्वारा किशोर यूजर्स की सुरक्षा के लिए प्रचारित किए जाने वाले माता-पिता की निगरानी के टूल वास्तव में सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग को नियंत्रित करने में सहायक नहीं हैं। निष्कर्षों से पता चलता है कि तनावग्रस्त किशोर इसके अत्यधिक उपयोग के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं। इससे यह सवाल उठता है कि क्या सुरक्षा सुविधाएं प्लेटफॉर्म की लत के कारणों का समाधान करती हैं या केवल कानूनी सुरक्षा प्रदान करती हैं।
झटका
मुकदमें में फंसी कंपनी के लिए झटका
मेटा के पैरेंटल सुपरविजन फीचर्स को उसके अपने शोधकर्ताओं से अप्रत्याशित झटका लगा है। अध्ययनों से पता चला है कि कंपनी ने जिस पैरेंटल सुपरविजन टूल्स को अपनी किशोर सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था, वो उनको सोशल मीडिया के उपयोग को नियंत्रित करने में कोई खास मदद नहीं करते हैं। यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब उसके खिलाफ जानबूझकर बच्चों को इंस्टाग्राम और फेसबुक के उपयोग की लत लगाने के आरोपों को लेकर मुकदमा चल रहा है।