मेटा का नया ब्रेन2क्वर्टी v2 AI सिस्टम दिमाग की सोच को टेक्स्ट में बदल देगा
मेटा ने अपना नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम ब्रेन2क्वर्टी v2 लॉन्च किया है। यह दिमाग की गतिविधियों को टेक्स्ट में बदल सकता है।
इस AI को चलाने के लिए किसी सर्जरी या इंप्लांट की जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि यह पूरी तरह से नॉन-इनवेसिव स्कैन पर काम करता है।
यह आपके विचारों को रियल टाइम में डीकोड करता है, जिससे उन लोगों को खास मदद मिलेगी, जिन्हें न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की वजह से बातचीत करने में दिक्कत आती है।
ब्रेन2क्वर्टी v2 ने हासिल की 61 फीसदी सटीकता
ब्रेन2क्वर्टी v2 की शब्दों की सटीकता 61 फीसदी तक पहुंच गई है। यह पहले की 8 फीसदी वाली तकनीक के मुकाबले बहुत बड़ा सुधार है।
यहां तक कि कुछ शीर्ष यूजर्स ने तो 78 फीसदी तक की सटीकता भी हासिल की। इस सिस्टम को 22,000 वाक्यों से ट्रेनिंग दी गई है। ये वाक्य वॉलंटियर्स के लंबे मैग्नेटोएन्सेफेलोग्राफी (MEG) सेशन के दौरान रिकॉर्ड किए गए थे।
इससे साफ है कि जितना ज्यादा डाटा होता है, नतीजे उतने ही बेहतर आते हैं। इसके साथ ही, मेटा ने अपना कोड भी सार्वजनिक कर दिया है।
उनके शोध सहयोगी बास्क सेंटर ऑन कॉग्निशन, ब्रेन एंड लैंग्वेज (BCBL) भी ब्रेन2क्वर्टी v1 डाटासेट जारी करेंगे, ताकि दुनियाभर में ओपन रिसर्च और सहयोग को बढ़ावा मिल सके।