भरोसा नहीं फिर भी खरीदारी में लोग कर रहे AI का ज्यादा इस्तेमाल
प्रबंधन परामर्श फर्म मैकेंजी ने शोध में पाया है कि जेनेरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर 40 फीसदी से भी कम भरोसा है, फिर भी लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। यह शोध द मैकेंजी पॉडकास्ट पर हुई चर्चा में सामने आया है।
इसमें पता चला है कि जेनेरेटिव AI पर लोगों का भरोसा अब 40 फीसदी से भी कम रह गया है, लेकिन इसके बावजूद लोग उत्पादों को खोजने और उनका मूल्यांकन करने के लिए इन टूल्स का लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं। भले ही भरोसा कम हो, AI हमारी खरीदारी और फैसले लेने में अब भी एक अहम भूमिका निभाता है।
सोशल मीडिया पर भी नहीं है विश्वास
मैकेंजी की रिटेल और कंज्यूमर पैकेज्ड गुड्स प्रैक्टिस की वैश्विक प्रमुख डेनियल बोजार्थ बताती हैं कि सोशल मीडिया जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लोगों का भरोसा कमजोर है।
हैरानी की बात यह है कि दोस्तों और परिवार से मिलने वाली पारंपरिक सलाह की स्थिति भी बहुत अलग नहीं है। फिर भी, खरीदारी करते समय या कोई नई चीज देखते हुए उपभोक्ता AI आधारित सिफारिशों पर ही भरोसा करते हैं।
उपभोक्ताओं की सोच में आया बदलाव
उपभोक्ताओं की आदतों में बड़ा बदलाव आ रहा है। अब तकनीक की मदद से खरीदारी करना आम बात हो गई है। लोग अब केवल कीमत ही नहीं देखते।
सामान जमा करने की बजाय अब अनुभव ज्यादा जरूरी हो गए हैं और लोग समझदारी से खर्च करने का चलन अपना रहे हैं। आजकल लोग टिकाऊपन और रीसेल वैल्यू पर ज्यादा ध्यान देते हैं, इसलिए ब्रांड्स को अपने उत्पादों में शुरुआत से ही असली वैल्यू डालनी होगी।