T-कोशिकाएं भी महसूस करती हैं माहौल की कठोरता, वैज्ञानिकों ने लगाया पता
प्रतिरक्षा कोशिकाएं (इम्यून सेल्स) हमारी सोच से भी ज्यादा समझदार निकली हैं। मैकगिल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक नई खोज की है। उन्होंने पाया कि कुछ T-कोशिकाएं केवल रासायनिक संकेतों पर ही प्रतिक्रिया नहीं देतीं, बल्कि वे अपने आस-पास के माहौल की कठोरता को भी महसूस कर सकती हैं।
यह नई जानकारी हमें स्मृति कोशिकाओं (मेमोरी सेल्स) को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकती है और यह भी बता सकती है कि वे इतने लंबे समय तक क्यों बनी रहती हैं।
खोज प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में होगी मददगार
इस नई खोज से उन कैंसर और स्व-प्रतिरक्षित (ऑटोइम्यून)) बीमारियों के इलाज में सुधार हो सकता है, जिनका इलाज अभी काफी मुश्किल माना जाता है।
शोधकर्ता जूडिथ मैंडल बताती हैं कि अगर, हम यह जान जाएं कि T-कोशिकाएं अपने आस-पास के वातावरण को कैसे महसूस करती हैं तो हम ऐसी इम्यूनोथेरेपी तैयार कर पाएंगे, जो ट्यूमर बहुत घने होने पर भी असरदार साबित हों।
टीम का अगला लक्ष्य यह पता लगाना है कि ये कोशिकाएं भौतिक संकेतों को ठीक से कैसे समझ पाती हैं? यह खोज हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) को मजबूत करने के कई नए दरवाजे खोल सकती है।