G20 बैठक: मस्क-जुकरबर्ग ने AI के लिए बढ़ती बिजली की जरूरत पर दिया जोर
मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग और टेस्ला के CEO एलन मस्क ने एक वर्चुअल G20 बैठक में अधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डाटा सेंटर्स और उन्हें चलाने के लिए जरूरी बिजली की जरूरत पर जोर दिया। इस बैठक में उन्होंने AI की बड़ी संभावनाओं और इसकी मुश्किल चुनौतियों दोनों पर बात की।
अमेरिका इस साल G20 की अध्यक्षता कर रहा है और इस सत्र की मेजबानी उसी के तहत हुई। यह लीडर्स समिट से पहले कई मंत्री स्तरीय बैठकों में से एक थी।
नौकरी की उम्मीदों के साथ बिजली की चिंताएं
जुकरबर्ग का मानना है कि AI लाखों कुशल नौकरियां पैदा करेगा, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि अभी पर्याप्त काबिल कर्मचारी नहीं हैं। मस्क ने चेतावनी दी कि AI की बढ़ती ऊर्जा जरूरतें बिजली की कमी का कारण बन सकती हैं। इससे AI की दौड़ में चीन को फायदा मिल सकता है।
एक तरफ जहां कई अमेरिकी नागरिक नए डाटा सेंटर्स से बढ़ते बिजली बिल और शोर को लेकर चिंतित हैं, वहीं मस्क का अनुमान है कि AI हर साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में 30,000 अरब डॉलर (करीब 28 लाख अरब रुपये) जोड़ सकता है।
गूगल डीपमाइंड के प्रमुख डेमिस हसाबिस कहते हैं कि मानव-स्तर की AI औद्योगिक क्रांति से 10 गुना ज्यादा प्रभाव डालेगी।
G20 की चर्चा नीति तय करने में करेंगी मदद
G20 की ये चर्चाएं मियामी में 14-15 दिसंबर को होने वाले लीडर्स समिट के लिए नीतियां तय करने में मदद करेंगी।