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ऐपल समेत कई कंपनियां झेल रही मेमोरी चिप की कमी, अब उठाना पड़ा ऐसा कदम 
मेमोरी चिप की कमी के कारण कीमतों में भारी इजाफा हुआ है

ऐपल समेत कई कंपनियां झेल रही मेमोरी चिप की कमी, अब उठाना पड़ा ऐसा कदम 

Jan 07, 2026
02:44 pm

क्या है खबर?

दुनियाभर की तकनीकी कंपनियां मेमोरी चिप्स की कमी से जूझ रही हैं। इन्हें हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। यहां तक ​​कि कुछ कंपनियां अपने अधिकारियों को महीनों तक दक्षिण कोरिया के होटलों में ठहरा रही हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बढ़ती मांग के कारण चिप्स की कीमतें आसमान छू रही हैं और कंपनियों के लिए आपूर्ति सुनिश्चित करना मुश्किल हो गया है।

खपत 

इन डिवाइसों में होता है सबसे ज्यादा उपयोग 

यह समस्या सबसे ज्यादा स्मार्टफोन और सर्वर में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स के कारण बढ़ी है, जिन्हें रैम के नाम से जाना जाता है और परफॉर्मेंस के लिए बेहद जरूरी हैं। 2025 के मध्य से इनकी कीमतों में 300 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे ये पहले से कहीं ज्यादा महंगी हो गई हैं। 12GB रैम के लिए ऐपल लगभग 70 डॉलर (करीब 6,300 रुपये) दे रही है, जो 2025 के शुरुआत से 200 प्रतिशत अधिक है।

कदम 

कंपनियों ने यह उठाया कदम 

अपनी भावी उत्पाद योजनाओं को सुरक्षित रखने के लिए कुछ तकनीकी कंपनियां असामान्य कदम उठा रही हैं। ऐपल ने दुनिया की 2 सबसे बड़ी मेमोरी निर्माता कंपनियों सैमसंग और SK हाइनिक्स के कारखानों के पास स्थित होटल् में अपनी खरीद टीमों को तैनात किया है। ये टीमें दक्षिण कोरिया के ग्योंगगी प्रांत के ह्वासोंग और पांग्यो के आस-पास के होटलों में रुकी हैं, ताकि अगले 2-3 वर्षों के लिए मेमोरी आपूर्ति सुनिश्चित करने वाले अनुबंधों पर बातचीत कर सकें।

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बुकिंग 

होटलों की बुकिंग में हुआ इजाफा 

ऐपल के अलावा डेल, गूगल और अमेजन जैसी कंपनियों ने भी मेमोरी चिप्स तक बेहतर पहुंच बनाने के लिए अपने अधिकारियों को इस क्षेत्र में लंबे समय के लिए भेजा है। इन दीर्घकालिक व्यावसायिक मेहमानों के कारण स्थानीय होटल्स की बुकिंग में भारी उछाल आया है और कुछ लोग इस प्रवृत्ति को एक तरह का नया 'सेमीकंडक्टर पर्यटन' बता रहे हैं। मांग में इस उछाल के बावजूद, सैमसंग और SK हाइनिक्स अभी तक छोटे अनुबंधों पर ही टिकी हुई हैं।

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सतर्क 

चिप निर्माता भी बरत रहे सतर्कता 

टेक कंपनियों के लंबे समय के अनुबंध की बजाय कोरियाई चिप निर्माता निश्चित कीमतों पर लंबे समय के सौदों पर सहमत होने से हिचकिचा रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि मेमोरी की कीमतें 2026 और 2027 तक बढ़ती रहेंगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, मानक सर्वर मेमोरी की आपूर्ति 2025 के अंत की तुलना में 2026 की शुरुआत में लगभग 60-70 प्रतिशत अधिक कीमतों पर की जा रही है। इस कमी का एक प्रमुख कारण AI जगत से बढ़ती मांग है।

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