LPG गैस सिलेंडर बुकिंग के नाम पर हो रही ठगी, कैसे रहें इससे सुरक्षित?
क्या है खबर?
मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण देश में LPG संकट की स्थिति बन गई है। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सिलेंडर की कमी की खबरों के बीच लोग जल्द गैस पाने के लिए परेशान हैं। ऐसे में साइबर जालसाज सक्रिय हो गए हैं, जो बिना परेशानी जल्दी गैस सिलेंडर दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं और सोशल मीडिया के जरिए फर्जी ऑफर फैलाए जा रहे हैं।
नकली विज्ञापन
सोशल मीडिया पर फैल रहे नकली विज्ञापन
साइबर ठग सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए नकली विज्ञापन फैला रहे हैं। इन विज्ञापनों में तुरंत गैस सिलेंडर डिलीवरी या एक्स्ट्रा सिलेंडर सप्लाई का दावा किया जाता है। कई पोस्ट में लिखा होता है कि सीमित समय के लिए जल्दी सिलेंडर मिल सकता है। ऐसे मैसेज लोगों में जल्दी निर्णय लेने का दबाव बनाते हैं। परेशान लोग जल्द गैस पाने की उम्मीद में इन ऑफर पर भरोसा कर लेते हैं और यहीं ठगी की शुरुआत हो जाती है।
एडवांस पेमेंट
नकली लिंक और एडवांस पेमेंट का जाल
ठग अक्सर मैसेज या सोशल मीडिया पोस्ट के साथ एक लिंक भेजते हैं जो असली गैस बुकिंग वेबसाइट जैसा दिखता है। जब लोग उस लिंक पर जाते हैं तो उनसे तुरंत ऑनलाइन एडवांस पेमेंट करने को कहा जाता है। कई बार कहा जाता है कि पेमेंट करने पर ही सिलेंडर की गारंटी मिलेगी। लोग जल्दी गैस मिलने के भरोसे पैसे भेज देते हैं, लेकिन इसके बाद ठग गायब हो जाते हैं और सिलेंडर भी नहीं मिलता है।
जरुरी बात
सुरक्षित रहने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
अधिकारियों ने लोगों से ऐसे ऑफर से सावधान रहने की सलाह दी है। अगर कोई मैसेज या वेबसाइट जल्दी गैस डिलीवरी के बदले एडवांस पेमेंट मांगती है तो उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। गैस सिलेंडर की बुकिंग हमेशा गैस कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या अधिकृत गैस एजेंसी के जरिए ही करनी चाहिए ताकि ठगी से बचा जा सके।
बचाव
पर्सनल जानकारी साझा करने से बचें
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट के साथ बैंक अकाउंट, OTP, UPI पिन या कार्ड की जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। अगर कोई व्यक्ति ऐसे स्कैम का शिकार हो जाता है तो तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके लिए राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल किया जा सकता है या cybercrime.gov.in वेबसाइट पर शिकायत की जा सकती है, ताकि आगे नुकसान रोका जा सके।