खनन से समुद्र की गहराई में बसे लॉस्ट सिटी को खतरा
अटलांटिक महासागर में 700-मीटर से भी ज्यादा गहराई में छिपा 'लॉस्ट सिटी हाइड्रोथर्मल फील्ड' समुद्र का एक अनोखा और रहस्यमयी इलाका है।
साल 2000 में इसकी खोज हुई तो पता चला कि यहां बहुत बड़े-बड़े कार्बोनेट टावर हैं और समुद्री जीव भी बेहद अनोखे और दिलचस्प हैं।
ये जीव करीब 1.2 लाख साल से भी ज्यादा समय से जिंदा हैं। इसकी वजह समुद्र के पानी और पृथ्वी की भीतरी परत के बीच होने वाली कुछ खास रासायनिक प्रक्रियाएं हैं।
वैज्ञानिकों ने इस रहस्यमय जगह को लेकर जताई चिंता
लॉस्ट सिटी में मौजूद ये बड़े-बड़े ढांचे, जिनमें 60-मीटर से भी ज्यादा ऊंचा 'पोसीडॉन' टावर भी शामिल है, हाइड्रोजन और मीथेन गैस बनाते हैं। इन्हीं गैसों की वजह से यहां घोंघे, क्रस्टेशियंस और छोटे-छोटे सूक्ष्मजीवों को रहने की जगह मिलती है।
खास बात ये है कि ये सब बिना ऑक्सीजन या मैग्मा के ही हो रहा है, लेकिन 2018 में इसके पास ही खनन करने के अधिकार दे दिए गए, जिससे वैज्ञानिक बहुत चिंतित हैं।
उन्हें डर है कि इस संवेदनशील जगह का पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ सकता है। अब वैज्ञानिक मांग कर रहे हैं कि इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा मिले, ताकि इसकी अनोखी जैव विविधता बची रहे और पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत के बारे में और भी रहस्य सामने आ सकें।