कर्नाटक सरकार और इलेवनलैब्स की साझेदारी, बोलने की क्षमता खो चुके लोगों को मिलेगी अपनी आवाज
क्या है खबर?
कर्नाटक सरकार ने वॉइस AI कंपनी इलेवनलैब्स के साथ एक नई पहल शुरू की है। इसका मकसद उन लोगों की मदद करना है, जो बीमारी या चोट के कारण बोलने की क्षमता खो चुके हैं। कंपनी ऐसे लोगों को उनकी पुरानी आवाज का कृत्रिम रूप तैयार करके देगी, जिससे वे दोबारा अपनी आवाज में बातचीत कर सकेंगे। इस पहल को कर्नाटक इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी सोसाइटी के साथ हुए समझौते के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।
लाइसेंस
जरूरतमंद लोगों को मिलेगा मुफ्त लाइसेंस
इस पहल के तहत इलेवनलैब्स योग्य लोगों को मुफ्त आजीवन लाइसेंस देगी।
इसके लिए राज्य सरकार और उससे जुड़े संस्थान जरूरतमंद लोगों की पहचान करेंगे। मुंह और गले के कैंसर, ALS तथा दूसरी तंत्रिका संबंधी बीमारियों से आवाज खोने वाले लोग इसका लाभ ले सकेंगे। कंपनी की तकनीक कन्नड़ में आवाज का कृत्रिम रूप तैयार कर सकती है।
मैसूर स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हियरिंग लाभार्थियों की पहचान और कार्यक्रम लागू करने में मदद करेगा।
इस्तेमाल
सरकारी सेवाओं में भी होगा इस्तेमाल
इस साझेदारी का दायरा केवल आवाज वापस दिलाने तक सीमित नहीं रहेगा।
कर्नाटक सरकार और इलेवनलैब्स सरकारी सेवाओं को आसान बनाने में वॉइस AI के इस्तेमाल की संभावनाएं भी तलाशेंगे। इसमें नागरिक हेल्पलाइन, शिकायत दर्ज कराने, सरकारी जानकारी पाने और अधिकारों से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच शामिल होगी।
दोनों पक्ष वॉइस AI के लिए सुरक्षा व्यवस्था तैयार करेंगे। इसमें आवाज की सहमति, वॉटरमार्किंग, डीपफेक पहचान और अनधिकृत वॉइस क्लोनिंग से बचाव पर ध्यान दिया जाएगा।
फोकस
भारत में बढ़ा कंपनी का फोकस
भारत इलेवनलैब्स के लिए अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा बाजार है और कंपनी यहां तेजी से विस्तार कर रही है।
बेंगलुरु में कार्यालय खोलने के साथ कंपनी ने स्थानीय कारोबार बढ़ाने के लिए टीम तैयार की है। कंपनी के अनुसार, उसके साथ भारत में 250 से ज्यादा कंपनियां काम कर रही हैं।
फिलहाल प्लेटफॉर्म 14 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है और आने वाले समय में इसे सभी 22 आधिकारिक भाषाओं तक पहुंचाने की योजना है।