जापान का MMX मिशन 2031 तक लाएगा मंगल के चंद्रमा फोबोस से नमूने
जापान का मार्सियन मून्स एक्सप्लोरेशन (MMX) मिशन 20 अक्टूबर को मंगल ग्रह के चंद्रमाओं फोबोस और डायमोस का पता लगाने के लिए लॉन्च किया गया।
इनकी अजीबो-गरीब बनावट से यह पता चल पाएगा कि क्या ये अंतरिक्ष में भटकते हुए चट्टानी पिंड हैं, जिन्हें मंगल ने अपनी ओर खींच लिया है या फिर किसी बड़े टकराव के बाद बचे हुए टुकड़े हैं।
अगर, सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो जापान 2031 तक फोबोस से नमूने वापस लाने की उम्मीद कर रहा है। इन नमूनों से मंगल के शुरुआती इतिहास और सौर मंडल के भीतरी हिस्सों के विकास के कई राज खुल सकते हैं।
चंद्रामाओं की उत्पत्ति का लगेगा पता
MMX अंतरिक्ष यान अपने वैज्ञानिक उपकरणों की मदद से यह पता लगाएगा कि ये चंद्रमा किन चीजों से बने हैं और कैसे परिक्रमा करते हैं? अगर, इनकी असली उत्पत्ति का रहस्य सुलझ जाता है तो इससे मंगल के अतीत के साथ-साथ हमारे ब्रह्मांडीय पड़ोस की बड़ी कहानी भी समझ में आ सकेगी।