जैक डॉर्सी का बिटचैट भारत में ऐप स्टोर से हटाया, जानिए क्या है वजह
क्या है खबर?
जैक डॉर्सी का बिटचैट ऐप भारत में ऐपल और गूगल के ऐप स्टोर से हट दिया गया है। यह घटनाक्रम सरकार की ओर से इस ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर तक पहुंच को सीमित करने की कोशिश के कुछ महीनों बाद हुआ है। यह बिना इंटरनेट कनेक्शन के काम करने वाला एक डिसेंट्रलाइज्ड मैसेजिंग ऐप है। डॉर्सी ने कहा कि भारत सरकार ने ऐपल को देश में अपने ऐप स्टोर से बिटचैट को हटाने का आदेश दिया था।
नोटिस
ऐपल के नोटिस में दी जानकारी
संस्थापक डॉर्सी द्वारा पोस्ट किए ऐपल के नोटिस के अनुसार, भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत यह मांग की थी।
यह अधिनियम सरकार की ओर से ऑनलाइन ब्लॉकिंग के आदेश देने के लिए देश का मुख्य कानूनी प्रावधान है।
नोटिस में कहा है कि देश में इसकी टेस्टफ्लाइट बीटा-टेस्टिंग सर्विस के जरिए ऐप का एक्सेस भी ब्लॉक कर दिया जाएगा। बिटचैट भारत के बाहर ऐप स्टोर पर उपलब्ध रहेगा।
ऐप
कैसे काम करती है बिटचैट ऐप?
टेकक्रंच के अनुसार, जब उसने पता लगाया तो भारत में गूगल प्ले स्टोर पर बिटचैट डाउनलोड के लिए उपलब्ध नहीं था और ऐप की वेबसाइट भी नहीं खुल रही थी।
यह साफ नहीं हो पाया कि क्या गूगल और इंटरनेट सर्विस प्रदाताओं को भी सरकार से निर्देश मिले थे?
बिटचैट, ब्लूटूथ मेश नेटवर्किंग का इस्तेमाल करता है। इससे आस-पास के डिवाइस सेल्युलर नेटवर्क, इंटरनेट एक्सेस या सेंट्रलाइज्ड सर्वर पर निर्भर हुए बिना एन्क्रिप्टेड मैसेज का आदान-प्रदान कर सकते हैं।
वजह
सरकार ने जुलाई में दे दिया था आदेश
इस साल जुलाई में डॉर्सी ने बताया कि भारतीय अधिकारियों ने गिटहब को ओपन-सोर्स मैसेजिंग ऐप से जुड़े रिपॉजिटरी हटाने का आदेश दिया था।
उस समय भारत सरकार ने अपने आदेश में कहा था कि बिटचैट का आर्किटेक्चर ऐसा है कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए बातचीत को इंटरसेप्ट करना या यूजर्स का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
साथ ही, इंटरनेट बंद होने के दौरान भी यह ऐप काम करता रहता है।