ISRO लाखों मछली पकड़ने वाली नावों की करेगा निगरानी
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार (30 अक्टूबर) को अपना NVS-03 सैटेलाइट लॉन्च किया। पहले आई तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए ISRO ने इस बार एक नया तरीका अपनाया है, जिसमें सैटेलाइट को 3 पायरो वॉल्व खुले रखकर लॉन्च किया गया।
अंतरिंग एजेंसी के पूर्व प्रमुख किरण कुमार की अध्यक्षता वाली एक राष्ट्रीय समिति ने इस फैसले का समर्थन किया था। इस कदम से भारत का नेविगेशन सिस्टम (NavIC) अब रोजमर्रा और रणनीतिक दोनों तरह के कामों के लिए फिर से पूरी तरह तैयार हो गया है।
अगले साल लॉन्च होंगे 2 और सैटेलाइट
NVS-03 के सफलतापूर्वक कक्षा में पहुंचने के बाद NavIC अब कम से कम 4 सैटेलाइट की अपनी जरूरी ताकत के साथ काम कर रहा है। ISRO प्रमुख वी नारायणन ने बताया है कि इस नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए अगले साल NVS-04 और NVS-05 जैसे और सैटेलाइट लॉन्च किए जाएंगे।
इसके अलावा, ISRO प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अगले 6 महीनों में एक लाख मछली पकड़ने वाली नावों की रियल-टाइम ट्रैकिंग पर भी काम कर रहा है।
अभी पहले से ही 15 लाख ट्रैकिंग डिवाइस लगे हुए हैं। इस वित्तीय वर्ष में एजेंसी ने 5 और मिशन की भी योजना बनाई है, जिसमें गगनयान का एक बिना-क्रू वाली परीक्षण उड़ान भी शामिल है।