AI की मदद से सरकारी टेंडर प्रक्रिया होगी 80 फीसदी तेज
भारत की नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) ने सरकारी टेंडर तैयार करने और उनकी जांच-पड़ताल (रिव्यू) करने के लिए एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल बनाने के लिए बोलियां आयोजित की हैं। यह टूल RFP और RFQ जैसे टेंडर दस्तावेजों से संबंधित होगा।
इसका मुख्य उद्देश्य इन दस्तावेजों को तैयार करने में लगने वाले समय को 80 फीसदी तक घटाना है। साथ ही, इससे नियमों में मौजूद कमियों की पहचान हो सकेगी, बेहतर सुझाव मिल सकेंगे और पुराने प्रोजेक्ट्स के अच्छे हिस्सों का दोबारा उपयोग किया जा सकेगा। इसका लक्ष्य कागजी काम के बोझ को काफी हद तक कम करना है।
AI चेक करेगा टेंडर
यह AI टूल जनरल फाइनेंशियल रूल्स (GFR) और राज्य की नीतियों जैसे नियमों के तहत टेंडरों की जांच करेगा। हालांकि, AI द्वारा दिए गए हर सुझाव पर अंतिम फैसला इंसानों का ही रहेगा।
NeGD का लक्ष्य है कि यह टूल बिडिंग से पहले अक्सर पूछे जाने वाले अनावश्यक सवालों को 40 फीसदी तक घटाए और गलतियों की संख्या को न्यूनतम स्तर पर ले आए।
इस टूल को बनाने की होड़ में 6 एजेंसियां शामिल हैं। अनुबंध मिलने के कुछ ही महीनों के भीतर इसे लॉन्च करने की योजना है। यह कदम भारत में डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक स्मार्ट बनाने की बड़ी पहल का हिस्सा है।