AI के लिए सरकार के नए ड्राफ्ट फ्रेमवर्क को लेकर उद्योग जगत में चिंता
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल के प्रशिक्षण के लिए एक ड्राफ्ट फ्रेमवर्क जारी किया है।
इसमें विस्तार से बताया गया है कि इन मॉडल को कैसे तैयार किया जाना चाहिए?
सरकार का मकसद है कि AI मॉडल को आम लोगों के लिए लॉन्च करने से पहले उनकी पूरी जांच हो, ताकि डाटा सुरक्षा और गोपनीयता को कोई खतरा न हो।
हालांकि, उद्योग के कुछ लोगों को डर है कि यह कदम एक लाइसेंसिंग सिस्टम जैसा बन सकता है।
निष्पक्षता की जांच जरूरी
यह फ्रेमवर्क उन लोगों के लिए भूमिकाएं तय करता है, जो प्रशिक्षण डाटा देते हैं और उसका इस्तेमाल करते हैं। यह सारा काम एक सुरक्षित व्यवस्था के भीतर होगा। किसी भी AI मॉडल को लॉन्च करने से पहले उसकी निष्पक्षता और उसमें किसी भी तरह के भेदभाव की कड़ी जांच की जाएगी।
फिलहाल, इस व्यवस्था से जुड़ना पूरी तरह स्वैच्छिक है और कंपनियों को अपनी गोपनीय जानकारी साझा करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, चिंता यह भी है कि आने वाले समय में नियम काफी सख्त हो सकते हैं।
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि वे सरकार के साथ सहयोग करना चाहते हैं न कि उन पर कोई भारी नियंत्रण थोपा जाए, लेकिन कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में यह स्थिति बदल सकती है और नियम और कड़े किए जा सकते हैं।